हनीट्रैप क्वीन: सीओ और दारोगा भी नहीं बच पाए इस हसीना के जाल से, 165 लोगों को बनाया शिकार

संतकबीरनगर की अंशिका सिंह ने हनीट्रैप के जरिए 165 लोगों को अपना शिकार बनाया, जिसमें पुलिस के बड़े अधिकारी भी शामिल हैं। फर्जी मुकदमों की धमकी देकर लाखों वसूलने वाली यह महिला अब पुलिस की गिरफ्त में है।

हनीट्रैप क्वीन: सीओ और दारोगा भी नहीं बच पाए इस हसीना के जाल

DESK : उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर और गोरखपुर इलाके में दहशत फैलाने वाली हनीट्रैप क्वीन अंशिका सिंह उर्फ अंतिमा का पर्दाफाश हुआ है, जिसने पिछले पांच वर्षों में सीओ और दारोगा समेत करीब 165 लोगों को अपना शिकार बनाया। रसूखदार नेताओं और पुलिसकर्मियों के साथ अपनी पहुंच का फायदा उठाकर वह निर्दोष लोगों को फर्जी मुकदमों में फंसाती थी और फिर सुलह के नाम पर लाखों रुपये और कीमती गहने वसूलती थी। हालिया गोलीकांड के बाद हुई गिरफ्तारी और मोबाइल की जांच ने इस पूरे ब्लैकमेलिंग सिंडिकेट के काले राज खोल दिए हैं। 

संतकबीरनगर और गोरखपुर क्षेत्र में दहशत का पर्याय बनी अंशिका सिंह उर्फ अंतिमा के मोबाइल ने कई सनसनीखेज राज उगले हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस महिला ने पिछले पांच वर्षों में केवल आम लोगों को ही नहीं, बल्कि सीओ और दारोगा समेत 15 पुलिसकर्मियों को अपने जाल में फंसाकर लाखों रुपये वसूले हैं। मैसेंजर पर दोस्ती, फिर वीडियो कॉल के जरिए अश्लील वीडियो बनाना और अंत में दुष्कर्म जैसे गंभीर मुकदमों की धमकी देना—यही इसका पेशा था।

दारोगा से वसूली सोने की चेन, सीओ भी हुए ब्लैकमेल

अंशिका की पहुंच का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अयोध्या में तैनात एक सीओ और शहर के एक दारोगा इसके चंगुल में फंस चुके हैं। दारोगा को फंसाने के बाद घंटों पंचायत चली और अंत में सोने की मोटी चेन लेकर उसने दारोगा को छोड़ा। जांच के अनुसार, अब तक 15 पुलिसकर्मी बदनामी के डर से इससे समझौता कर चुके हैं।

फर्जी मुकदमों की फैक्ट्री: एक ही शख्स पर कई बार केस

अंशिका ने वर्ष 2021 से 2025 के बीच संतकबीरनगर और गोरखपुर में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के कई फर्जी मुकदमे दर्ज कराए। हद तो तब हो गई जब उसने अपने मकान मालिक पर सिर्फ इसलिए केस दर्ज करा दिया क्योंकि उन्होंने घर में सीसी कैमरे लगवा दिए थे। मकान मालिक को जेल भेजने के बाद उसने जेल में जाकर भी रुपयों की मांग की और बाहर आने पर दोबारा केस दर्ज करा दिया।

विधायक और रसूखदारों के साथ फोटो का खेल

इंटरनेट मीडिया पर अंशिका ने अपनी पैठ बनाने के लिए विधायकों और बड़े पुलिस अधिकारियों के साथ फोटो और वीडियो अपलोड कर रखे थे। इसी 'रसूख' के दम पर वह पुलिसकर्मियों और आम लोगों को डराती थी। संतकबीरनगर में तो उसने अपनी पहुंच का इतना फायदा उठाया कि एक ही व्यक्ति पर दो-दो मुकदमे दर्ज करवा दिए।

मोबाइल खोलेगा और भी कई गहरे राज

हाल ही में एक युवक को गोली मारने के आरोप में गिरफ्तार होने के बाद जब पुलिस ने अंशिका का मोबाइल खंगाला, तो ब्लैकमेलिंग की लंबी लिस्ट सामने आई। पुलिस अब उन सभी पुराने मुकदमों की दोबारा जांच कर रही है जिन्हें सुलह के नाम पर बंद कर दिया गया था। उसके मोबाइल से मिले साक्ष्य आने वाले दिनों में कई सफेदपोशों और पुलिसवालों की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं।