Patna Crime: पटना में खूनी साज़िश का भंडाफोड़, STF-पुलिस की दबिश, हथियारों का जखीरा बरामद

Patna Crime:पटना में एक बड़ी वारदात की साज़िश उस वक्त बेनकाब हो गई जब एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने फिल्मी अंदाज़ में दबिश देकर पांच शातिर बदमाशों को धर दबोचा...

Patna Crime: पटना में खूनी साज़िश का भंडाफोड़, STF-पुलिस की
पटना में खूनी साज़िश का भंडाफोड़- फोटो : social Media

Patna Crime: पटना में एक बड़ी वारदात की साज़िश उस वक्त बेनकाब हो गई जब एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने फिल्मी अंदाज़ में दबिश देकर पांच शातिर बदमाशों को धर दबोचा। पुलिस के मुताबिक ये बदमाश किसी की जान लेने की नीयत से जमा हुए थे और इलाके में खूनी खेल की तैयारी चल रही थी। लेकिन वक्त रहते पुलिस को मिली खुफिया खबर ने उनकी पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।

बताया जाता है कि पटना सिटी के खाजेकला थाना पुलिस को गुप्त मुखबिर से इत्तला मिली थी कि महाराज घाट के आसपास कुछ बदमाश हथियारों के साथ जमा हैं और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। खबर मिलते ही एसटीएफ और पुलिस की टीम हरकत में आई और इलाके की घेराबंदी कर दी। इसी दौरान एक संदिग्ध कार पर पुलिस की नजर पड़ी, जिसमें दो लोग बैठे हुए थे। पुलिस ने जब तलाशी ली तो नके पास से अवैध हथियार, जिंदा कारतूस और नकदी बरामद हुई।

पकड़े गए अपराधियों में पेशेवर बदमाश मानव सिन्हा और उसका साथी मोहम्मद आरिफ उर्फ जॉनी शामिल हैं। पूछताछ के दौरान दोनों ने अपने गिरोह के बाकी साथियों का राज उगल दिया। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी कर राकेश कुमार, अमित कुमार और हर्ष राज को भी गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस की तलाशी में जो सामान बरामद हुआ, उसने पूरे मामले की गंभीरता बढ़ा दी। गिरफ्तार अपराधियों के पास से दो देशी पिस्टल, तीन देसी कट्टा, 26 जिंदा कारतूस, दो खोखा, छह मैगजीन, छह मोबाइल फोन, एक पिस्टल कवर और करीब 26 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। इसके अलावा सोने-चांदी के जेवरात भी बरामद हुए हैं, जिनके बारे में पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ये किसी लूट या वारदात से जुड़े तो नहीं।

पटना पूर्वी के सिटी एसपी परिचय कुमार ने बताया कि शुरुआती जांच में साफ हुआ है कि सभी आरोपी किसी की हत्या की नीयत से इकट्ठा हुए थे। हालांकि पुलिस की फुर्ती और समय पर मिली सूचना ने इस खूनी मंसूबे को नाकाम कर दिया। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इनके पीछे कौन-कौन से आपराधिक नेटवर्क जुड़े हुए हैं।