Bihar Crime: नवादा में लोन का झांसा देकर साइबर लूट, धनी फाइनेंस के नाम पर ठगी करने वाले दो शातिर दबोचे गए

Bihar Crime: नवादा जिले में साइबर ठगों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो शातिर अपराधियों को दबोच लिया है।...

Cyber Fraud in Nawada 2 Held for Loan Scam in Dhani Finance
लोन का झांसा देकर साइबर लूट- फोटो : reporter

Bihar Crime: नवादा जिले में साइबर ठगों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो शातिर अपराधियों को दबोच लिया है। ये दोनों आरोपी धनी फाइनेंस के नाम पर भोले-भाले लोगों को सस्ते लोन का झांसा देकर उनकी जेब पर डाका डाल रहे थे। पुलिस की गिरफ्त में आए इन साइबर जालसाजों से अब गहन पूछताछ की जा रही है और उनके पूरे नेटवर्क की कुंडली खंगाली जा रही है।

यह कार्रवाई नवादा पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान के सख्त निर्देश पर की गई। साइबर अपराध पर लगाम कसने के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) ने प्रतिबिंब पोर्टल पर मिले तकनीकी सुरागों के आधार पर जाल बिछाया और वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के सिमरी गांव के पास रेलवे ट्रैक के करीब से दोनों अपराधियों को धर दबोचा। पुलिस के मुताबिक ये दोनों काफी दिनों से साइबर ठगी के धंधे में सक्रिय थे और देश के अलग-अलग राज्यों के लोगों को अपना शिकार बना रहे थे।

गिरफ्तार अपराधियों की पहचान रितिक कुमार (25 वर्ष), पिता उमेश राउत और रंजय कुमार (25 वर्ष), पिता संतोष प्रसाद के रूप में हुई है। दोनों नवादा जिले के वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के बलवापर गांव के रहने वाले हैं। पुलिस के मुताबिक इनका काम बेहद चालाकी से लोगों को जाल में फंसाना था।

सूत्रों के मुताबिक ये शातिर ठग खुद को धनी फाइनेंस कंपनी का अधिकारी बताकर देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों को फोन करते थे। वे कम ब्याज दर पर तुरंत लोन दिलाने का लालच देते थे और प्रोसेसिंग फीस, फाइल चार्ज या अन्य बहानों से लोगों से पैसे ऐंठ लेते थे। जैसे ही पीड़ित पैसा भेजता, ये ठग फोन बंद कर फरार हो जाते थे।

पुलिस ने आरोपियों के पास से दो स्मार्ट मोबाइल फोन और एक एटीएम कार्ड बरामद किया है, जिनका इस्तेमाल ठगी के पूरे खेल को अंजाम देने में किया जाता था। जब्त किए गए मोबाइल फोन और बैंकिंग डिटेल्स के जरिए अब पुलिस इस साइबर गिरोह के बाकी कड़ियों को तलाशने में जुट गई है।

नवादा साइबर थाना में कांड संख्या 30/26 के तहत मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों से कड़ी पूछताछ की जा रही है। पुलिस को शक है कि इस गिरोह में और भी कई लोग शामिल हो सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा और इसमें शामिल अन्य अपराधियों को भी कानून के शिकंजे में लाया जाएगा।

रिपोर्ट- आशीष कुमार