Bihar School News: स्कूल में राष्ट्रगीत पर बवाल, विद्यालय में अनुशासन पर सवाल! दो शिक्षकों अंजुमन और अबू तालिब के रवैये पर विवाद, विधायक ने सख्त कार्रवाई की मांग की
Bihar School News: स्कूल में प्रार्थना सभा के दौरान कथित रूप से दो शिक्षकों द्वारा राष्ट्रगीत गाने का विरोध किए जाने के बाद मामला तूल पकड़ गया।
Bihar School News: स्कूल में प्रार्थना सभा के दौरान कथित रूप से दो शिक्षकों द्वारा राष्ट्रगीत गाने का विरोध किए जाने के बाद मामला तूल पकड़ गया। कटिहार जिले के उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय गुरमेल में राष्ट्रगीत वंदे मातरम को लेकर उपजे विवाद ने प्रशासन से लेकर राजनीति तक माहौल गरमा दिया है।
जानकारी के अनुसार, विद्यालय में सुबह की प्रार्थना के दौरान राष्ट्रगीत वंदे मातरम गाने की प्रक्रिया के दौरान दो शिक्षक अंजुमन और अबू तालिब ने इसका विरोध किया। आरोप है कि सरकारी निर्देशों के बावजूद दोनों शिक्षकों ने राष्ट्रगीत के प्रति असम्मानजनक रवैया अपनाया, जिसके बाद विद्यालय के अन्य शिक्षकों ने इस घटना की लिखित शिकायत बरारी ब्लॉक आफिस में दर्ज कराई।
शिकायत मिलने के बाद प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी द्वारा की गई जांच में प्रारंभिक तौर पर आरोपों को सही पाया गया। हालांकि, बाद में दोनों शिक्षकों ने लिखित रूप से अपनी गलती स्वीकार करते हुए भविष्य में ऐसा न करने का आश्वासन दिया और माफी मांगी।
इस पूरे मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है।विजय सिंह ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि भारत में रहना है तो वंदे मातरम कहना होगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राष्ट्रगीत के प्रति किसी भी प्रकार का असम्मान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विधायक ने यह भी कहा कि केवल माफी पत्र से मामला खत्म नहीं होना चाहिए, बल्कि जिम्मेदार शिक्षकों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों और विद्यालयों में राष्ट्रीय भावनाओं का सम्मान सुनिश्चित रहे।
इस घटना के बाद क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था और अनुशासन को लेकर भी बहस शुरू हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विद्यालय जैसे शैक्षणिक संस्थानों में इस तरह के विवाद न केवल अनुशासन को प्रभावित करते हैं, बल्कि छात्रों पर भी गलत संदेश जाता है। फिलहाल शिक्षा विभाग ने मामले की आंतरिक समीक्षा शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई उच्च अधिकारियों के निर्देश पर तय की जाएगी। वहीं यह मामला अब प्रशासनिक जांच के साथ-साथ राजनीतिक बयानबाजी का भी केंद्र बन गया है।
रिपोर्ट- श्याम कुमार सिंह