PM Modi Petrol Appeal: बिहार में मंत्रियों-अफसरों के अनलिमिटेड पेट्रोल पर लगेगी रोक!PM मोदी की अपील का असर

PM Modi Petrol Appeal: बिहार में पेट्रोल-डीजल बचत को लेकर मंत्रियों और अधिकारियों के ईंधन कोटे में कटौती की तैयारी की जा रही है। इसको लेकर सरकार मंथन कर रही है।

PM Modi Petrol Appeal
बिहार में पेट्रोल-डीजल बचत को लेकर काम शुरू- फोटो : social media

PM Modi Petrol Appeal: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच पेट्रोल और डीजल की चिंता बढ़ गई है। इसी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में लोगों से ईंधन की खपत कम करने की अपील की थी। अब इसका असर बिहार सरकार के स्तर पर भी देखने को मिल सकता है।

जानकारी के अनुसार बिहार में मंत्रियों को मिलने वाले अनलिमिटेड पेट्रोल पर अब नियंत्रण लगाने की तैयारी चल रही है। हालांकि अभी तक इसको लेकर कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है, लेकिन मंत्रियों को संकेत दे दिए गए हैं कि प्रधानमंत्री की अपील के बाद ईंधन बचत को लेकर कदम उठाए जा सकते हैं।

मंत्रियों के काफिले में एक एस्कॉर्ट गाड़ी

फिलहाल मंत्रियों के काफिले में एक एस्कॉर्ट गाड़ी रहती है, जिसमें सुरक्षाकर्मी मौजूद होते हैं। इसके अलावा मंत्री की निजी गाड़ी के साथ उनके आप्त सचिव और अन्य कर्मचारियों के लिए भी दो से तीन वाहन चलते हैं। अब इन अतिरिक्त वाहनों की संख्या कम करने पर विचार किया जा रहा है, ताकि पेट्रोल की खपत घटाई जा सके। मुख्यमंत्री को छोड़कर कुछ अन्य वीआईपी लोगों के बड़े कारकेड भी होते हैं। इनमें चलने वाले वाहनों की संख्या ज्यादा रहती है। अब इन कारकेड में भी गाड़ियों की संख्या सीमित करने पर चर्चा हो रही है। इस संबंध में पुलिस विभाग से सलाह लेने के बाद फैसला लिया जा सकता है।

अफसरों के पेट्रोल कोटे में भी कटौती

सिर्फ मंत्री ही नहीं, अफसरों के पेट्रोल कोटे में भी कटौती पर मंथन चल रहा है। बताया जा रहा है कि बिहार सरकार उत्तर प्रदेश सरकार के फैसले का अध्ययन कर रही है। यूपी में विशिष्ट श्रेणी के अधिकारियों का मासिक पेट्रोल कोटा 125 लीटर से घटाकर 50 लीटर कर दिया गया है। वहीं संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारियों का कोटा भी 100 लीटर से घटाकर 50 लीटर किया गया है।

पेट्रोल खर्च की कोई तय सीमा नहीं

बिहार में अभी मंत्री (भत्ता और यात्रा) नियमावली के तहत यह व्यवस्था है कि अगर कोई मंत्री अपनी निजी गाड़ी का उपयोग करता है तो उसे रोजाना 10 लीटर पेट्रोल के बराबर राशि वाहन भत्ते के रूप में दी जाती है। वहीं सरकारी वाहन इस्तेमाल करने पर मंत्रियों के लिए पेट्रोल खर्च की कोई तय सीमा नहीं है। वे जरूरत के अनुसार ईंधन का उपयोग कर सकते हैं। अधिकारियों की बात करें तो बिहार में सचिव स्तर के अधिकारियों को हर महीने 200 से 300 लीटर पेट्रोल या डीजल का कोटा मिलता है। वहीं एसडीओ, बीडीओ और सीओ जैसे क्षेत्रीय अधिकारियों को 150 से 200 लीटर तक ईंधन दिया जाता है। अब बढ़ती तेल कीमतों और ईंधन बचत की जरूरत को देखते हुए सरकार इन व्यवस्थाओं में बदलाव करने की तैयारी में है।