India Vs Pakistan Forex Reserve: भारत vs पाकिस्तान!किसकी तिजोरी में ज्यादा डॉलर? जानें एक क्लिक में

India Vs Pakistan Forex Reserve: भारत का विदेशी मुद्रा भंडार पाकिस्तान से 32 गुना ज्यादा! जानिए दोनों देशों की आर्थिक स्थिति और रिजर्व की पूरी जानकारी।

India Vs Pakistan Forex Reserve
पाकिस्तान के मुकाबले भारत का Forex Reserve- फोटो : freepik

India Vs Pakistan Forex Reserve: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और दुनिया भर में आर्थिक अनिश्चितता के बीच विदेशी मुद्रा भंडार फिर चर्चा में है। भारत इस समय अपने विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने पर खास ध्यान दे रहा है। बढ़ते आयात और वैश्विक हालात के कारण सरकार पर दबाव भी बढ़ रहा है। इसी वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से अपील की है कि विदेशी मुद्रा की बचत के लिए एक साल तक सोना खरीदने से बचें।

इसी बीच भारत और पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार की तुलना भी चर्चा में है। मौजूदा आंकड़ों के अनुसार भारत का विदेशी मुद्रा भंडार करीब 690.69 बिलियन डॉलर है, जबकि पाकिस्तान का कुल विदेशी मुद्रा भंडार लगभग 21.29 बिलियन डॉलर है। इसका मतलब है कि भारत के पास पाकिस्तान से लगभग 32 गुना ज्यादा विदेशी मुद्रा भंडार मौजूद है। यह अंतर दोनों देशों की आर्थिक स्थिति, निर्यात, निवेश, उद्योग और आर्थिक स्थिरता को भी दिखाता है। भारत की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हुई है, जबकि पाकिस्तान अभी भी आर्थिक दबावों से जूझ रहा है।

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत स्थिति में

रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक भारत का विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत स्थिति में है। फरवरी 2026 में यह भंडार 728.5 बिलियन डॉलर के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया था। हालांकि तेल की कीमतों में बदलाव के कारण इसमें थोड़ी कमी आई है, लेकिन इसके बावजूद भारत दुनिया के सबसे बड़े विदेशी मुद्रा भंडार रखने वाले देशों में शामिल है। वहीं पाकिस्तान की स्थिति काफी कमजोर मानी जा रही है। स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के अनुसार 30 अप्रैल 2026 तक देश का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 21.29 बिलियन डॉलर था। इसमें से लगभग 15.85 बिलियन डॉलर पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक के पास है, जबकि करीब 5.44 बिलियन डॉलर देश के वाणिज्यिक बैंकों में रखा गया है।

पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था विदेशी कर्ज पर निर्भर

अनुसार पाकिस्तान का यह भंडार सिर्फ करीब ढाई महीने के आयात खर्च को ही संभाल सकता है। यही वजह है कि पाकिस्तान लगातार आर्थिक दबाव में बना रहता है।पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था काफी हद तक विदेशी कर्ज और अंतरराष्ट्रीय मदद पर निर्भर है। आर्थिक संकट से बाहर निकलने, मुद्रा को स्थिर रखने और बाहरी भुगतान करने के लिए पाकिस्तान कई बार अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी IMF से बेलआउट पैकेज मांग चुका है। इसके अलावा ज्यादा आयात, बढ़ता कर्ज और लगातार चालू खाता घाटा भी पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बनाए रखते हैं। वहीं भारत अपने मजबूत रिजर्व और बड़ी अर्थव्यवस्था के कारण वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना करने की स्थिति में माना जा रहा है।