बिहार पुलिस: दूसरी शादी की तो जाएगी नौकरी! DGP का पुलिस महकमे को कड़ा संदेश
बिहार के DGP विनय कुमार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि पहली पत्नी को छोड़कर दूसरी शादी करने वाले पुलिसकर्मियों को सेवा में रहने का अधिकार नहीं है। सीतामढ़ी एसपी के मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार ने स्पष्ट कर दिया है कि पहली पत्नी को छोड़कर दूसरी शादी करने वाले पुलिसकर्मियों के लिए विभाग में कोई जगह नहीं है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि जो पुलिसकर्मी शादीशुदा होने के बावजूद सब-इंस्पेक्टर बनने या प्रमोशन पाने के बाद दूसरी शादी करते हैं, उन्हें सेवा में रहने का कोई अधिकार नहीं है। DGP का यह निर्देश पूरे पुलिस महकमे के लिए एक बड़ी चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।
सीतामढ़ी SP के मामले का जिक्र और सॉफ्ट एटीट्यूड पर नाराजगी
सरदार पटेल भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान DGP ने सीतामढ़ी एसपी (SP) से जुड़े एक मामले का उदाहरण देते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने बताया कि एक पुलिसकर्मी द्वारा दूसरी शादी किए जाने के मामले में एसपी द्वारा केवल 'लाइन क्लोज' करने जैसी मामूली कार्रवाई पर तर्क दिया जा रहा था। DGP ने इस "सॉफ्ट एटीट्यूड" की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में तुरंत सस्पेंशन और कठोर विभागीय कार्रवाई शुरू होनी चाहिए।
सामाजिक बहिष्कार और कठोर सजा की वकालत
DGP विनय कुमार ने न केवल विभागीय कार्रवाई बल्कि ऐसे कृत्यों में शामिल लोगों के सामाजिक बहिष्कार की भी बात कही। उन्होंने जोर देकर कहा कि वर्दी का घमंड दिखाकर परिवार और कानून के साथ खिलवाड़ करने वाले अफसरों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। उनके अनुसार, ऐसे पुलिसकर्मियों को कठोर से कठोर सजा दी जानी चाहिए ताकि विभाग की छवि और अनुशासन बना रहे।
सेवा से बर्खास्तगी का स्पष्ट संदेश
DGP ने राज्य के सभी पुलिस अधीक्षकों (SPs) को हिदायत दी है कि पुलिस सेवा में इस तरह के आचरण की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी या पुलिस अफसर इस तरह की हरकतों में शामिल पाया जाता है, तो उसे सेवा से बाहर करने का दृष्टिकोण अपनाया जाए। पुलिस मुख्यालय के इस रुख ने साफ कर दिया है कि अब पुलिसकर्मियों के व्यक्तिगत आचरण और नैतिकता पर भी विभाग की पैनी नजर रहेगी।