UP News : मतदाता सूची से गायब हुआ पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का नाम, प्रशासनिक महकमें में मचा हड़कंप, डीएम ने दिए जांच के सख्त आदेश
UP News : पंचायत चुनाव के लिए प्रकाशित अंतिम सूची में स्मृति ईरानी नाम नहीं होने से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं.......पढ़िए आगे
UP News : उत्तर प्रदेश त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची जारी होते ही सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। अमेठी की पूर्व सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का नाम पंचायत चुनाव की फाइनल वोटर लिस्ट से गायब होने का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस खबर के बाद से ही जिले के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में उनका नाम अभी भी सुरक्षित और दर्ज है।
मेदन मवई गांव में बनाया है आशियाना, 2024 में यहीं किया था मतदान
स्मृति ईरानी का अमेठी से गहरा नाता रहा है। जानकारी के अनुसार, उन्होंने वर्ष 2021 में गौरीगंज तहसील क्षेत्र के मेदन मवई गांव में 11 बिसवा भूमि खरीदी थी। इसके बाद 29 जुलाई 2021 को उनके पुत्र जोहर ईरानी ने इस भूमि पर भूमि पूजन कर आवास निर्माण की आधारशिला रखी थी। मकान पूरी तरह तैयार होने के बाद 22 फरवरी 2024 को स्मृति ईरानी ने यहां गृह प्रवेश किया। गृह प्रवेश के बाद उनका नाम गांव के 'लीला टिकरा' बूथ की मतदाता सूची में जोड़ा गया था, जहां उन्होंने वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग भी किया था। इससे पहले वह मुंबई उत्तर-पश्चिम संसदीय क्षेत्र की मतदाता थीं और उन्होंने एसआईआर (SIR) के माध्यम से अपना नाम अमेठी की वोटर लिस्ट में शामिल करवाया था।
नाम गायब होने पर क्या बोले जिलाधिकारी?
पंचायत चुनाव की अंतिम सूची में नाम न होने के इस गंभीर मामले पर अमेठी के जिलाधिकारी संजय चौहान ने स्थिति स्पष्ट की है। जिलाधिकारी ने बताया कि लोकसभा या विधानसभा और पंचायत चुनाव की मतदाता सूचियां अलग होती हैं। पंचायत चुनाव की वोटर लिस्ट में नाम शामिल कराने के लिए एक अलग से आवेदन पत्र भरना अनिवार्य होता है। प्रशासन अब इस बात की गहन जांच करा रहा है कि क्या स्मृति ईरानी की तरफ से संबंधित आवेदन पत्र जमा किया गया था या नहीं। उन्होंने आश्वस्त किया है कि यदि आवेदन मिला होगा, तो नियमानुसार उनका नाम सूची में जोड़ दिया जाएगा।
यूपी पंचायत चुनाव 2026: इस बार रिकॉर्ड 12.58 करोड़ से अधिक मतदाता
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में 10 जून को पंचायत चुनाव के लिए फाइनल वोटर लिस्ट जारी की गई है। साल 2026 की इस अंतिम पंचायत चुनाव मतदाता सूची के अनुसार, उत्तर प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या 12 करोड़ 58 लाख 51 हजार 570 पहुंच चुकी है। यह संख्या वर्ष 2021 में दर्ज 12 करोड़ 29 लाख 50 हजार 52 मतदाताओं की तुलना में 29 लाख 1 हजार 518 अधिक है। प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है और अभिलेखों का परीक्षण किया जा रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
पुनरीक्षण अभियान: करोड़ों नाम जोड़े और हटाए गए
पंचायत चुनाव की तैयारियों के तहत प्रशासन द्वारा चलाए गए विशेष पुनरीक्षण अभियान में बड़े पैमाने पर बदलाव किए गए हैं। इस अभियान के दौरान जहां बड़ी संख्या में युवा और नए मतदाताओं को जोड़ा गया, वहीं मृत, स्थानांतरित (शिफ्ट हो चुके) और अपात्र मतदाताओं के नाम सूची से काटे भी गए हैं। आंकड़ों के अनुसार, इस पुनरीक्षण के दौरान जहां 2 करोड़ 32 लाख 24 हजार 805 नए नाम जोड़े गए, वहीं 2 करोड़ 3 लाख 23 हजार 287 नाम सूची से हटाए गए हैं। फिलहाल, इतने बड़े पुनरीक्षण अभियान के बीच अमेठी की हाई-प्रोफाइल पूर्व सांसद का नाम गायब होना पूरे राज्य में कौतूहल और चर्चा का विषय बना हुआ है।