खाकी दागदार: व्यापारी के मुंह में पिस्टल डाल दरोगाओं ने वसूली 20 लाख की रंगदारी, FIR दर्ज

दो दरोगाओं पर धागा व्यापारी को बंधक बनाकर एनकाउंटर की धमकी देने और 20 लाख रुपये वसूलने के आरोप में FIR दर्ज हुई है. एसएसपी के आदेश पर हुई इस कार्रवाई के बाद दोनों दरोगा फरार हैं. पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है.

Police officers put pistol in the mouth of a businessman and
खाकी दागदार: व्यापारी के मुंह में पिस्टल डाल दरोगाओं ने वसूली 20 लाख की रंगदारी, FIR दर्ज- फोटो : news 4 nation

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में रक्षक ही भक्षक बन गए हैं। लोहियानगर थाने में तैनात दो दरोगाओं, लोकेन्द्र साहू और महेश कुमार पर एक धागा व्यापारी का अपहरण कर उससे 20 लाख रुपये की रंगदारी वसूलने का गंभीर आरोप लगा है। एसएसपी अविनाश पांडे के कड़े रुख के बाद दोनों आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ भ्रष्टाचार और जबरन वसूली की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह घटना पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बनी हुई है।

पिस्टल की नोंक पर 'फर्जी एनकाउंटर' का खौफ

पीड़ित व्यापारी रासिख ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि इन दरोगाओं ने उसे झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी और अपनी गाड़ी में बंधक बना लिया। क्रूरता की हद पार करते हुए दरोगाओं ने व्यापारी के मुंह में पिस्टल डाल दी और पैर में गोली मारकर ‘फर्जी एनकाउंटर’ करने का डर दिखाया। मौत के इसी खौफ का फायदा उठाकर आरोपियों ने व्यापारी से 20 लाख रुपये ऐंठ लिए। आरोप है कि बाद में पैसे मांगने पर व्यापारी को जान से मारने की धमकी भी दी गई।

कार्रवाई होते ही दरोगा फरार

लिसाड़ी गेट थाने में 10 फरवरी 2026 को मुकदमा दर्ज होते ही दोनों आरोपी दरोगा रातोरात फरार हो गए। सूत्रों के अनुसार, कानूनी शिकंजा कसता देख दरोगाओं ने व्यापारी को 15 लाख रुपये वापस कर मामला दबाने की कोशिश भी की थी, लेकिन तब तक मामला उच्चाधिकारियों तक पहुँच चुका था। फिलहाल दोनों दरोगा पुलिस रिकॉर्ड में भगोड़े हैं और उनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।

एसएसपी का सख्त रुख और पुलिस की साख

मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडे ने इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए साफ किया है कि विभाग में भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने फरार दरोगाओं की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित कर दी हैं। हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं कि जब कानून के रखवाले ही अपराधियों जैसी वारदात को अंजाम देंगे, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या होगा।