पावर स्टार पवन सिंह पर कानूनी शिकंजा: इन चार मामलों में आरोप तय, एक केस में मिली जमानत
काराकाट के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी और अभिनेता पवन सिंह मंगलवार को रोहतास के बिक्रमगंज और डेहरी कोर्ट में पेश हुए। जहाँ बिक्रमगंज में उन पर चार मामलों में आरोप तय हुए, वहीं डेहरी कोर्ट ने उन्हें आचार संहिता उल्लंघन के एक पुराने मामले में जमानत दे दी।
Dehri - भोजपुरी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और काराकाट से पूर्व लोकसभा प्रत्याशी पवन सिंह मंगलवार को रोहतास जिले के दो अलग-अलग न्यायालयों में पेश हुए । काराकाट लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के आरोपों का सामना कर रहे पवन सिंह के लिए यह दिन कानूनी प्रक्रियाओं के नाम रहा । कड़ी सुरक्षा के बीच वे बिक्रमगंज और डेहरी अनुमंडल न्यायालय पहुंचे, जहाँ उनके समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी ।
बिक्रमगंज कोर्ट: चार मामलों में आरोप तय
पवन सिंह बिक्रमगंज अनुमंडल न्यायालय में पेश हुए, जहाँ उन पर चुनावी रोड शो के दौरान अनुमति से अधिक भीड़ जुटाने के गंभीर आरोप हैं । उनके अधिवक्ता पवन कुमार सिंह के अनुसार, उन पर बिक्रमगंज में कुल पांच मुकदमे दर्ज हैं । मंगलवार को सुनवाई के दौरान चार अलग-अलग थाना कांड संख्या वाले मामलों में न्यायालय ने उन पर विधिवत आरोप तय (Charge Frame) कर दिए हैं ।
डेहरी कोर्ट: आचार संहिता उल्लंघन मामले में मिली जमानत
बिक्रमगंज के बाद पवन सिंह डेहरी अनुमंडल व्यवहार न्यायालय में अनुमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी रजत दीप के समक्ष उपस्थित हुए । यहाँ उन पर अकोढ़ीगोला थाना क्षेत्र में आचार संहिता उल्लंघन (कांड संख्या 161/24) का मामला दर्ज था । उनके साथ सह-आरोपी अंबुज कुमार सिंह भी न्यायालय में मौजूद थे । न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पवन सिंह और अंबुज कुमार सिंह को जमानत दे दी ।
वाई प्लस सुरक्षा और समर्थकों की भीड़
पवन सिंह 'वाई प्लस' (Y+) श्रेणी की सुरक्षा घेरे में कोर्ट परिसर पहुंचे थे । उनके आने की खबर भले ही गुप्त रखी गई थी, लेकिन जानकारी लीक होते ही प्रशंसकों और मीडियाकर्मियों का हुजूम उमड़ पड़ा । भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान सुरक्षाकर्मियों और लोगों के बीच तीखी नोकझोंक की स्थिति भी पैदा हुई । इस पूरी कानूनी प्रक्रिया के दौरान पवन सिंह ने मीडिया के समक्ष कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी ।
चुनावी रंजिश और कानूनी पेच
गौरतलब है कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में पवन सिंह काराकाट सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे थे, जहाँ उन्हें शिकस्त का सामना करना पड़ा था । चुनाव प्रचार के दौरान नियमों की अनदेखी करने पर उन पर कुल 6 मामले दर्ज किए गए थे । इनमें से पांच मामले बिक्रमगंज और एक मामला अकोढ़ीगोला थाना (डेहरी) से संबंधित है ।