पटना में अंतरजिला वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़, 8 वाहनों के साथ मास्टरमाइंड सहित चार गिरफ्तार

पटना पुलिस ने अंतरजिला वाहन चोर गिरोह का भंडाफाड़ किया है। ये चोरी की गाड़ियां शराब माफियाओं को औने-पौने दाम में बेचते थे। इस गिरोह का मास्टरमाइंड शाहिद आफरीदी कुछ दिन पहले ही जेल से बाहर था और फिर से सक्रिय हो गया...

पटना में अंतरजिला वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़, 8 वाहनों के सा
पटना में अंतरजिला वाहन चोर गिरोह का खुलासा- फोटो : अनिल कुमार

Patna : राजधानी के पूर्वी क्षेत्र में लगातार बढ़ रही वाहन चोरी की वारदातों पर लगाम कसते हुए पटना पुलिस ने एक बड़े अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश किया है। पटना सिटी इलाके के अगमकुंआ और मालसलामी थाना क्षेत्रों में सक्रिय इस गिरोह के चार सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पूर्वी एसपी परिचय कुमार ने बताया कि चोरी की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था, जिसने वैज्ञानिक अनुसंधान और एसआईयू (SIU) की मदद से इस सफलता को हासिल किया।


पुलिस के अनुसार, इस गिरोह का मास्टरमाइंड मोहम्मद शाहिद आफरीदी है, जो महज एक सप्ताह पहले ही जेल से छूटकर बाहर आया था। जेल से बाहर आते ही वह फिर से संगठित होकर वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम देने लगा। पुलिस ने शाहिद के साथ उसके तीन अन्य सहयोगियों—राहुल कुमार, ओम और छोटू ठठेरा को भी दबोचा है। गिरफ्तार किए गए इन सभी अभियुक्तों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और ये पहले भी कई गंभीर मामलों में जेल जा चुके हैं।


गिरोह के सदस्यों ने पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि वे पटना के विभिन्न इलाकों से दोपहिया वाहनों की चोरी करते थे और फिर उन्हें वैशाली और पटना के अवैध शराब माफियाओं को बेच देते थे। शराब तस्करी के काम में इस्तेमाल करने के लिए इन चोरी की गाड़ियों को महज 8 से 10 हजार रुपये की मामूली कीमत पर बेच दिया जाता था। इस खुलासे के बाद पुलिस अब उन शराब माफियाओं की भी तलाश कर रही है जो इन चोरी के वाहनों के खरीदार थे।


अपराधियों की निशानदेही पर पुलिस ने छापेमारी कर कुल 8 चोरी के वाहन बरामद किए हैं, जिनमें 7 स्कूटी और एक मोटरसाइकिल शामिल है। एसपी ने बताया कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगालने के बाद अपराधियों की पहचान सुनिश्चित की गई थी। इसके बाद तकनीकी इनपुट के आधार पर घेराबंदी कर मास्टरमाइंड सहित पूरे गिरोह को गिरफ्तार किया गया। पुलिस को उम्मीद है कि बरामद वाहनों के इंजन और चेसिस नंबर के जरिए उनके असली मालिकों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।


इस मामले में पुलिस की कार्रवाई अभी थमी नहीं है। गिरफ्तार अभियुक्तों से मिली गुप्त जानकारी के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों और इनके सिंडिकेट से जुड़े अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। पटना पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से वाहन स्वामियों ने राहत की सांस ली है। अधिकारियों ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे अपने वाहनों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाने को दें।


अनिल की रिपोर्ट