वैशाली में फर्जी सरकारी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, सीएससी सेंटर की आड़ में चल रहा था खेल
Vaishali : जिले की साइबर थाना पुलिस ने एक बड़े जालसाजी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए फर्जी सरकारी दस्तावेज बनाने वाले मुख्य संचालक को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह अवैध वेबसाइटों के माध्यम से आधार कार्ड, वोटर आईडी, और पैन कार्ड जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज फर्जी तरीके से तैयार कर रहा था। पकड़े गए आरोपी की पहचान राजीव रंजन कुमार के रूप में हुई है, जो भगवानपुर रत्ती चौक पर डिजिटल स्टूडियो और सीएससी (CSC) सेंटर का संचालन करता था।
कार्रवाई की जानकारी देते हुए साइबर डीएसपी चांदनी सुमन ने बताया कि CCSU पटना से एक गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी। इसी आधार पर वैशाली साइबर थाने की टीम ने संबंधित डिजिटल स्टूडियो पर छापेमारी की। जांच के दौरान यह पाया गया कि आरोपी अगस्त 2024 से ही विभिन्न अवैध पोर्टल का इस्तेमाल कर रहा था। वह फर्जी दस्तावेज तैयार करने के बदले ग्राहकों से 200 रुपये से लेकर 2500 रुपये तक की मोटी रकम वसूलता था।
पुलिस के लिए सबसे चौंकाने वाली बात तब सामने आई जब आरोपी ने पुलिस टीम के सामने ही महज कुछ मिनटों में एक फर्जी आधार और वोटर आईडी कार्ड बनाकर प्रिंट कर दिया। यह फर्जी दस्तावेज दिखने में बिल्कुल असली जैसे थे, जिन्हें पहचानना आम आदमी के लिए नामुमकिन था। पुलिस ने आरोपी के लैपटॉप और मोबाइल की ब्राउजिंग हिस्ट्री को खंगाला है, जिससे अवैध वेबसाइटों के सक्रिय इस्तेमाल के पुख्ता डिजिटल साक्ष्य मिले हैं।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज बरामद किए हैं। जब्त सामानों में 4 लैपटॉप, 2 मोबाइल, एक डेस्कटॉप, फिंगर प्रिंट स्कैनर और आई स्कैनर शामिल हैं। इसके अलावा विभिन्न लोगों के नाम पर बने फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, बैंक पासबुक और 17 हजार 400 रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अब इन दस्तावेजों के माध्यम से अन्य संदिग्धों की भी तलाश कर रही है।
साइबर डीएसपी ने आशंका जताई है कि इन फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल बैंक खाते खुलवाने, सिम कार्ड लेने और बड़े स्तर पर साइबर धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए किया जा रहा था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), आईटी एक्ट और आधार अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। साथ ही, यह गिरोह किन-किन अन्य अपराधियों से जुड़ा था, इसकी भी गहन जांच की जा रही है।
रिषभ की रिपोर्ट