30 लाख के इनामी बदमाश को ATS ने मुठभेड़ में मार गिराया, 20 साल से चल रहा था फरार, 50 से अधिक मामले
गोलीबारी में ATS के डीएसपी विपिन कुमार राय और हेड कांस्टेबल जितेंद्र कृष्ण को मामूली चोटें आईं। वहीं, ब्रिजेश गंझू गोली लगने से घायल हो गया। घायल ब्रिजेश को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
Encounter by ATS : नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता हासिल करते हुए एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड ने एक 30 रुपए के इनामी नक्सली को मुठभेड़ में मार गिराया। वाराणसी में उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) के साथ हुई मुठभेड़ में 30 लाख रुपये का इनामी नक्सली ब्रिजेश गंझू मारा गया। पुलिस के अनुसार, ब्रिजेश प्रतिबंधित नक्सली संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी (TPC) से जुड़ा था और लगभग 20 वर्षों से फरार था। उसके खिलाफ 50 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे।
ATS को सूचना मिली थी कि ब्रिजेश वाराणसी पहुंचा है और लंका मैदान की ओर बढ़ रहा है। इसी आधार पर टीम ने लंका मैदान के पास बाइक से जा रहे दो संदिग्धों को रोकने की कोशिश की। पुलिस का दावा है कि संदिग्धों ने ATS टीम पर गोली चला दी, जिसके बाद जवाबी फायरिंग की गई।
गोलीबारी में ATS के डीएसपी विपिन कुमार राय और हेड कांस्टेबल जितेंद्र कृष्ण को मामूली चोटें आईं। वहीं, ब्रिजेश गंझू गोली लगने से घायल हो गया। उसका साथी मौके से भाग निकला। घायल ब्रिजेश को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जांच एजेंसी के मुताबिक, ब्रिजेश के खिलाफ वर्ष 1996 से झारखंड के चतरा सहित अन्य जिलों के थानों में 50 से अधिक मुकदमे दर्ज थे। उस पर हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, रंगदारी, आपराधिक साजिश, दंगा, हथियारों के इस्तेमाल, मारपीट और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे आरोप थे। इसके अलावा उसके खिलाफ यूएपीए और क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट के तहत भी मामले दर्ज थे।
ATS ने मुठभेड़ स्थल से दो पिस्तौल, एक कार्बाइन, बड़ी संख्या में कारतूस और एक लाख रुपये नकद बरामद करने का दावा किया है।