शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने लिया नशा मुक्त बिहार का संकल्प, महनार थानाध्यक्ष समेत 8 पुलिसकर्मियों के निलंबन पर दिया बड़ा बयान

हाजीपुर में 'बढ़ता बिहार' अभियान के तहत आयोजित 'नशा मुक्त बिहार' कार्यक्रम में बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी शामिल हुए। कार्यक्रम में उपस्थित सैकड़ों लोगों को स्वयं नशा न करने तथा समाज में दूसरों को भी नशा से दूर रखने की सामूहिक शपथ दिलाई..

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने लिया नशा मुक्त बिहार का संकल
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने लिया नशा मुक्त बिहार का संकल्प- फोटो : रिषभ कुमार

Vaishali : जिले के हाजीपुर स्थित बिका संस्थान में 'बढ़ता बिहार' अभियान के तहत आयोजित 'नशा मुक्त बिहार' कार्यक्रम में बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सैकड़ों लोगों को स्वयं नशा न करने तथा समाज में दूसरों को भी नशा से दूर रखने की सामूहिक शपथ दिलाई। शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य को नशा मुक्त बनाना बिहार के सर्वांगीण विकास के लिए अनिवार्य है और इसके लिए व्यापक सामाजिक क्रांति की आवश्यकता है।


महनार थानाध्यक्ष सहित 8 पुलिसकर्मियों के निलंबन पर बड़ा बयान 

कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने सूखे नशे के अवैध कारोबार में संलिप्तता के आरोप में महनार थानाध्यक्ष सहित 8 पुलिसकर्मियों के निलंबन पर बेहद कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने इस घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि यदि कानून की रक्षा करने वाले ही इस तरह के गलत कार्यों में लिप्त होंगे, तो यह बेहद गंभीर मामला है। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि ऐसे दोषी पुलिसकर्मियों की जांच कर उन्हें कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।


'नशे के कारोबार के खिलाफ सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन जरूरी'

शिक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि समाज को सही रास्ते पर ले जाने की जिम्मेदारी केवल सरकार या प्रशासन की ही नहीं, बल्कि हम सभी नागरिकों की भी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि उनके आसपास सूखा नशा या किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों का प्रचलन बढ़ रहा है, तो वे अपने स्तर से पहल कर इसे रोकने में भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि जब तक आम नागरिक एकजुट होकर इसका विरोध नहीं करेंगे, तब तक इस सामाजिक बुराई को जड़ से समाप्त नहीं किया जा सकता।


शिक्षकों को समाज को जागरूक और शिक्षित करने के निर्देश 

नशा मुक्ति अभियान में शिक्षा जगत की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए मंत्री ने बताया कि सभी शिक्षकों को भी इस दिशा में सक्रिय जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षक जहां निवास करते हैं और जिन विद्यालयों में पढ़ाते हैं, वहां उन्हें नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम चलाकर समाज को शिक्षित करने का काम करना होगा। युवा पीढ़ी को नशे की गर्त में जाने से बचाना शिक्षण संस्थानों की मुख्य प्राथमिकता होनी चाहिए।


नशा मुक्त समाज के निर्माण हेतु अभियान रहेगा जारी 

अंत में शिक्षा मंत्री ने कहा कि वैशाली और पूरे बिहार को नशा मुक्त बनाने के लिए 'बढ़ता बिहार' अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आगे भी निरंतर जारी रहेंगे। इस कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रबुद्ध नागरिक, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित लोगों ने एक स्वर में नशा मुक्त समाज के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान देने का संकल्प दोहराया।


रिषभ की रिपोर्ट