न्यूज़4नेशन की खबर का असर: वैशाली में बाढ़ राहत के चोकर की कालाबाजारी पर डीएम का एक्शन, पशुपालन पदाधिकारी समेत 3 पर FIR
जिले में बाढ़ राहत सामग्री में गड़बड़ी और पशु चारे की कालाबाजारी का मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। डीएम ने इस मामले मे एक्शन लेते हुए पशुपालन पदाधिकारी समेत 3 पर FIR करने का निर्देश जारी की हैं....
Vaishali : जिले में बाढ़ राहत सामग्री में गड़बड़ी और पशु चारे की कालाबाजारी का मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। न्यूज़4नेशन (News4Nation) पर खबर प्रसारित होने के बाद वैशाली की जिलाधिकारी (DM) वर्षा सिंह ने मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया। त्वरित जांच के बाद आरोपों की पुष्टि होते ही जिलाधिकारी ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई का आदेश जारी कर दिया है।
राघोपुर राहत शिविर में चोकर कालाबाजारी का मामला
पूरा मामला वैशाली जिले के राघोपुर प्रखंड अंतर्गत गंगाब्रिज के पास बनाए गए बाढ़ राहत शिविर से जुड़ा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के मवेशियों के लिए सरकार द्वारा बड़ी मात्रा में चोकर (पशु चारा) का भंडारण यहां किया गया था। आरोप था कि राहत केंद्र में तैनात कुछ कर्मियों और अधिकारियों की मिलीभगत से इस चोकर को गाड़ियों में लादकर अवैध रूप से बाहर भेजा जा रहा था और खुले बाजार में कालाबाजारी की जा रही थी।
जिला पशुपालन अधिकारी समेत 3 पर FIR का आदेश
न्यूज़4नेशन पर खबर प्रमुखता से दिखाए जाने के बाद डीएम वर्षा सिंह ने मामले की तत्काल निष्पक्ष जांच का आदेश दिया था। जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी की बात सही पाए जाने पर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने जिला पशुपालन पदाधिकारी (District Animal Husbandry Officer) समेत तीन अधिकारियों व कर्मियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज करने का कड़ा निर्देश जारी किया।
विभागीय कार्रवाई शुरू, भ्रष्टाचार पर सख्त संदेश
प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश के साथ ही तीनों आरोपी अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने कड़ा संदेश देते हुए स्पष्ट किया कि बाढ़ राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकारी संसाधनों की हेराफेरी करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
बाढ़ पीड़ितों और पशुओं की सहायता प्रशासन की प्राथमिकता
डीएम ने कहा कि आपदा की इस कठिन घड़ी में बाढ़ पीड़ितों के हक का एक-एक दाना और मवेशियों के चारे का एक-एक किलो उन तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचाना ही प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिला प्रशासन की इस त्वरित और कड़ी कार्रवाई से राहत सामग्री में धांधली करने वाले असामाजिक तत्वों और भ्रष्ट कर्मियों में हड़कंप मच गया है।
रिषभ की रिपोर्ट