गया में अवैध स्प्रिट की बड़ी खेप बरामद: 945 लीटर स्प्रिट के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार, वाहन जब्त
गयाजी पुलिस ने अवैध शराब तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में अवैध स्प्रिट के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार किया है...
Gayaji : जिले के बाराचट्टी थाना क्षेत्र अंतर्गत प्रतापी इलाके में पुलिस ने अवैध शराब तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में अवैध स्प्रिट के परिवहन का भंडाफोड़ करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से सीमावर्ती इलाकों में अवैध शराब का कारोबार करने वालों में हड़कंप मच गया है।
टाटा गोल्ड मैजिक से 945 लीटर अवैध स्प्रिट जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक टाटा गोल्ड मैजिक वाहन को रोककर सघन तलाशी ली। वाहन की जांच करने पर उसमें से कुल 945 लीटर अवैध स्प्रिट बरामद की गई। तस्कर इस खेप को सुरक्षित ठिकाने पर पहुंचाने की कोशिश में थे, लेकिन पुलिस टीम ने घेराबंदी कर मौके से ही अवैध स्प्रिट के साथ वाहन को अपने कब्जे में ले लिया।
झारखंड से पटना ले जाई जा रही थी स्प्रिट, 3 तस्कर गिरफ्तार
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान पंकज कुमार, रोहित कुमार और सोनू राज के रूप में हुई है। पुलिस की प्रारंभिक जांच और पूछताछ में पता चला है कि जब्त की गई स्प्रिट की यह बड़ी खेप पड़ोसी राज्य झारखंड स्थित एक ईंटभट्ठे से लोड की गई थी और इसे दानापुर (पटना) ले जाया जा रहा था। पुलिस की मुस्तैदी से पटना में खपाए जाने वाली इस अवैध स्प्रिट की सप्लाई चेन टूट गई।
सैप बल और होमगार्ड जवानों की रही सराहनीय भूमिका
इस सफल छापेमारी अभियान में थाना पुलिस की विशेष टीम के साथ-साथ सैप (SAP) बल और गृह रक्षक (होमगार्ड) के जवान भी प्रमुख रूप से शामिल रहे। पूरी टीम ने समन्वय के साथ कार्रवाई करते हुए तस्करों को भागने का कोई मौका नहीं दिया। पुलिस अधिकारियों ने तस्करों की गिरफ्तारी और बरामदगी में शामिल जवानों की सजगता की सराहना की है।
मामले में आगे की जांच जारी, जल्द समर्पित होगा चार्जशीट
घटना के संबंध में मामला दर्ज कर गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और मुख्य सरगना का पता लगाने के लिए मामले की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि अनुसंधान की प्रक्रिया पूरी होते ही आरोपियों के विरुद्ध अदालत में आरोप पत्र (चार्जशीट) समर्पित कर दिया जाएगा।
मनोज की रिपोर्ट