करंट लगने से बच्ची की मौत के बाद भारी हंगामा, सड़क पर शव रखकर हाजीपुर-जंदाहा मुख्य मार्ग किया जाम

करंट लगने से बच्ची की मौत के बाद भारी हंगामा,  सड़क पर शव रख
करंट लगने से बच्ची की मौत के बाद भारी हंगामा- फोटो : रिषभ कुमार

Vaishali : जिले के जंदाहा थाना क्षेत्र अंतर्गत खोपी गांव में मंगलवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां खेत में बकरी चराने गई एक मासूम बच्ची की करंट की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। मृतका की पहचान सबीना खातून के रूप में हुई है। घटना के बाद इलाके में मातम पसर गया और स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों का आरोप है कि खेत मालिक ने अवैध रूप से खेत की घेराबंदी में बिजली के तार लगा रखे थे, जिसकी चपेट में आने से यह हादसा हुआ।


घटना से आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने शव को गुरुचौक पर रखकर हाजीपुर-जंदाहा मुख्य पथ को पूरी तरह जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सड़क पर आवागमन ठप कर दिया। जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं, जिससे राहगीरों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारी इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।


परिजनों का सीधा आरोप है कि खेत मालिक की लापरवाही ने बच्ची की जान ली है। उनका कहना है कि अब तक प्रशासन द्वारा इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। आक्रोशित लोग मांग कर रहे हैं कि पीड़ित परिवार को तत्काल उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही, वे बिजली विभाग के कनीय अभियंता (JE) को मौके पर बुलाने और दोषी खेत मालिक की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए हैं।


बिगड़ते हालात और लोगों के भारी आक्रोश को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया है। मौके पर जंदाहा थाना समेत कई थानों की पुलिस बल को तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारी और प्रशासनिक टीम प्रदर्शनकारियों को समझाने-बुझाने के प्रयास में जुटी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और नियमानुसार उचित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


फिलहाल, समाचार लिखे जाने तक सड़क पर प्रदर्शन जारी है और स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बनी हुई है। पुलिस और स्थानीय जनप्रतिनिधि मिलकर लोगों को शांत कराने का प्रयास कर रहे हैं ताकि जाम खोला जा सके और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सके। ग्रामीण प्रशासन से लिखित आश्वासन की प्रतीक्षा कर रहे हैं।


रिषभ कुमार की रिपोर्ट