बिहार में औद्योगिक क्रांति: 19 इकाइयों को भूमि आवंटित, 284 करोड़ रुपये के निवेश से मिलेगा 1200 को रोजगार

Bihar News : बिहार में औद्योगिक विकास का रास्ता साफ हो गया है। बियॉडा ने राज्य के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में 19 नई औद्योगिक इकाइयों को 20.04 एकड़ भूमि और प्लग एंड प्ले शेड्स आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है...

बिहार में औद्योगिक क्रांति: 19 इकाइयों को भूमि आवंटित, 284 क
बिहार में औद्योगिक विकास का रास्ता साफ- फोटो : नरोत्तम कुमार

Patna : बिहार को औद्योगिक हब बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (BIADA) की प्रोजेक्ट क्लीयरेंस कमेटी (PCC) ने राज्य के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में 19 नई औद्योगिक इकाइयों को 20.04 एकड़ भूमि और प्लग एंड प्ले शेड्स आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस निर्णय से राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।


इन 19 औद्योगिक इकाइयों के माध्यम से बिहार में लगभग 284 करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस बड़े निवेश से राज्य के लगभग 1200 युवाओं के लिए प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। स्वीकृत परियोजनाओं में खाद्य प्रसंस्करण, जूता निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ा, प्लास्टिक, कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) और सामान्य विनिर्माण जैसे विविध क्षेत्र शामिल हैं, जो राज्य की अर्थव्यवस्था को बहुआयामी मजबूती प्रदान करेंगे।


ये नई इकाइयां मुख्य रूप से पश्चिम चंपारण के कुमारबाग, बेगुसराय के आईजीसी (IGC) और हाजीपुर जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित की जाएंगी। प्रमुख स्वीकृत इकाइयों में श्रीनाथ बायोफ्यूल्स, राशिरीशू ग्रुप, लुबना शूज और शर्व एंटरप्राइजेज जैसी कंपनियाँ शामिल हैं। इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से न केवल स्थानीय स्तर पर आर्थिक विकास सुदृढ़ होगा, बल्कि सहायक उद्योगों को भी बड़ा आधार मिलेगा।


उद्योग विभाग के सचिव सह बियाडा के प्रबंध निदेशक कुंदन कुमार ने बैठक में कहा कि राज्य सरकार बिहार में संतुलित और समग्र औद्योगिक विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि निवेशकों को पारदर्शी और समयबद्ध प्रक्रिया के तहत भूखंड उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य सुदृढ़ बुनियादी ढांचे और बेहतर कनेक्टिविटी के माध्यम से निवेशकों को एक ऐसा अनुकूल वातावरण देना है, जिससे परियोजनाओं का क्रियान्वयन तेजी से हो सके।


बिहार सरकार की यह पहल राज्य को निवेश के लिए एक उभरते और भरोसेमंद गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर मानी जा रही है। नीतिगत सहयोग और सुगम प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण अब निवेशक बिहार की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे आने वाले समय में राज्य की औद्योगिक तस्वीर पूरी तरह बदलने की संभावना है।

नरोत्तम की रिपोर्ट