मुस्लिम महिलाओं ने अनूठे अंदाज में मनाया पीएम मोदी का जन्मदिन, काटा केक और की दीर्घायु की कामना

रोहतास जिले के सासाराम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन बेहद उत्साह और अनूठे अंदाज में मनाया गया है। मुस्लिम महिलाओं ने हर्षोल्लास के साथ केक काटा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं....

मुस्लिम महिलाओं ने अनूठे अंदाज में मनाया पीएम मोदी का जन्मदि
मुस्लिम महिलाओं ने अनूठे अंदाज में मनाया पीएम मोदी का जन्मदिन- फोटो : रंजन कुमार

Sasaram : आज विश्वकर्मा पूजा के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जन्म दिन भी है। पीएम मोदी का जन्मदिन बीजेपी के साथ-साथ उनके समर्थकों द्वारा पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. इसी कड़ी में रोहतास के सासाराम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन बेहद उत्साह और अनूठे अंदाज में मनाया गया है।


बाबा साहब अंबेडकर की प्रतिमा के पास हुआ एक अद्भुत और भव्य आयोजन

सासाराम के समाहरणालय के पास स्थित बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के नीचे मुस्लिम समाज की महिलाओं ने एक अद्भुत आयोजन कर हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचा। इस विशेष कार्यक्रम के दौरान मुस्लिम महिलाओं ने हर्षोल्लास के साथ केक काटा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर क्षेत्र के पूर्व विधायक ललन पासवान भी विशेष रूप से मौजूद रहे, जिन्होंने महिलाओं के इस कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।


तीन तलाक जैसी कुरीति को खत्म करने पर मुस्लिम महिलाओं ने जताया आभार

कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने खुलकर अपनी बात रखी और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 'तीन तलाक' जैसी गंभीर कुरीति के खिलाफ कानून बनाकर देश की मुस्लिम महिलाओं को बड़ी राहत दी है। उनके अनुसार, इस ऐतिहासिक कानून के आने के बाद भारत की मुस्लिम महिलाएं खुद को सचमुच आजाद और सशक्त महसूस कर रही हैं।


महिलाओं ने एक सुर में कहा कि समाज की इस पुरानी और पीड़ादायक कुरीति का अंत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति की ही देन है। यही वजह है कि आज समाज की महिलाएं उनके प्रति गहरा आभार व्यक्त कर रही हैं और उनके नेतृत्व की सराहना कर रही हैं।


पीएम के दीर्घायु होने की कामना के साथ गूंजे नारे

जन्मदिन के इस अनूठे आयोजन के दौरान मुस्लिम महिलाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दीर्घायु होने की कामना करते हुए नारे भी लगाए। सासाराम में हुआ यह अपनी तरह का पहला और अनोखा आयोजन अब स्थानीय स्तर पर चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है।

रंजन की रिपोर्ट