Patna News: अब दीवारों पर विज्ञापन करना पड़ेगा महंगा, नई विज्ञापन नीति से शहर की सूरत बदलेगी, नियम तोड़े तो जेब करनी होगी ढीली
Patna News: पटना शहर की सूरत-संवार के बीच पटना नगर निगम ने एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है, जिसने दीवारों की राजनीति पर सीधा वार कर दिया है।
Patna News: पटना शहर की सूरत-संवार के बीच पटना नगर निगम ने एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है, जिसने दीवारों की राजनीति पर सीधा वार कर दिया है। अब राजधानी की किसी भी दीवार पर बिना इजाजत पेंटिंग या प्रचार करना जेब पर भारी पड़ सकता है। नई विज्ञापन पॉलिसी के तहत अनधिकृत वॉल पेंटिंग करने वालों पर 400 रुपये प्रति वर्गफीट के हिसाब से जुर्माना ठोका जाएगा।
नगर निगम का यह फरमान साफ इशारा है कि अब बेतरतीब इश्तिहारबाज़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दरअसल, लंबे समय से छोटी-बड़ी एजेंसियां और कुछ सियासी तत्व खर्च बचाने के लिए सरकारी इमारतों, पुलों और निजी दीवारों पर बिना अनुमति रंगरोगन कर देते थे, जिससे शहर की खूबसूरती पर दाग लग रहा था। अब हुकूमत ने इस अराजकता पर शिकंजा कसने का मन बना लिया है।
इस नई नीति के तहत पटना के कई अहम इलाकों खासतौर पर सार्वजनिक, धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को नो एड जोन घोषित कर दिया गया है। यानी इन जगहों पर किसी भी तरह का विज्ञापन या पेंटिंग पूरी तरह मना होगी। अगर कोई इस कानून को चुनौती देता है, तो पहले नोटिस और फिर भारी जुर्माने की कार्रवाई तय है।
हालांकि, नगर निगम ने इस सख्ती के बीच कला और संस्कृति को बढ़ावा देने का रास्ता भी खुला रखा है। गैर-व्यावसायिक और शहर की सुंदरता बढ़ाने वाली वॉल पेंटिंग को विशेष अनुमति के साथ छूट दी जा सकती है। यानी जहां एक ओर अव्यवस्था पर लगाम लगेगी, वहीं दूसरी ओर रचनात्मकता को भी जगह मिलेगी।
यह फैसला शहर की छवि सुधारने की एक बड़ी रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। अब सवाल यह है कि क्या यह सख्ती जमीनी स्तर पर भी असर दिखाएगी या फिर दीवारों की यह जंग नए रूप में जारी रहेगी? फिलहाल, पटना की दीवारों पर अब सिर्फ रंग नहीं, बल्कि नियमों की सख्त लकीरें भी साफ नजर आएंगी।