Bihar News: डॉ. दिवाकर तेजस्वी का बड़ा खुलासा, इलाज का यह 'पुराना तरीका' अब नहीं करेगा काम!

Bihar News: उन्होंने बताया कि पारंपरिक चिकित्सा पद्धति जहां केवल रोग के निदान और उपचार तक सीमित रहती है, वहीं पर्सन सेंटर्ड मेडिसिन मरीज को एक संपूर्ण व्यक्ति के रूप में देखती है।

डॉ. दिवाकर तेजस्वी
डॉ. दिवाकर तेजस्वी का खुलासा- फोटो : social media

Bihar News: ‘पहल’ के चिकित्सा निदेशक एवं वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. दिवाकर तेजस्वी ने कहा है कि आधुनिक चिकित्सा में “पर्सन सेंटर्ड मेडिसिन” (रोगी-केंद्रित चिकित्सा) एक प्रभावी और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित दृष्टिकोण बनकर उभरी है। मलेशिया के कुआलालंपुर में 27 और 28 मार्च को आयोजित दो दिवसीय इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन पर्सन सेंटर्ड मेडिसिन में भाग लेने के बाद लौटे डॉ. तेजस्वी ने अपने अनुभव साझा किए।

इलाज में उल्लेखनीय सुधार 

उन्होंने बताया कि पारंपरिक चिकित्सा पद्धति जहां केवल रोग के निदान और उपचार तक सीमित रहती है, वहीं पर्सन सेंटर्ड मेडिसिन मरीज को एक संपूर्ण व्यक्ति के रूप में देखती है। इसमें मरीज के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जाता है। डॉ. तेजस्वी के अनुसार, विश्व के प्रतिष्ठित जर्नल्स में प्रकाशित शोधों से यह साबित हुआ है कि रोगी-केंद्रित चिकित्सा अपनाने से इलाज के परिणामों में उल्लेखनीय सुधार होता है। 

अधिक प्रभावी बनता है उपचार 

ऐसे मरीजों में ब्लड प्रेशर, शुगर जैसी क्रॉनिक बीमारियों का नियंत्रण बेहतर पाया गया है। साथ ही, जब मरीज को उपचार प्रक्रिया में सहभागी बनाया जाता है, तो दवाओं के प्रति उसकी अनुपालन क्षमता 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। उन्होंने आगे कहा कि इस पद्धति से डॉक्टर और मरीज के बीच संवाद और विश्वास मजबूत होता है, जिससे मरीज की संतुष्टि बढ़ती है और उपचार अधिक प्रभावी बनता है। इसके अलावा, अनावश्यक जांच और उपचार में कमी आने से स्वास्थ्य सेवाओं की लागत भी घटती है।

लक्षणों में आती है कमी 

डॉ. तेजस्वी ने यह भी बताया कि पर्सन सेंटर्ड मेडिसिन मरीज के मानसिक स्वास्थ्य और जीवन गुणवत्ता को बेहतर बनाती है। इससे चिंता और अवसाद जैसे लक्षणों में कमी आती है और डॉक्टर-मरीज संबंध अधिक सुदृढ़ होता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि एक चिकित्सक के लिए केवल सहानुभूति पर्याप्त नहीं है, बल्कि सह-अनुभूति (एम्पैथी) बेहद जरूरी है। जब डॉक्टर मरीज की भावनाओं और परिस्थितियों को गहराई से समझता है, तभी वह समग्र और प्रभावी उपचार दे सकता है। अंत में डॉ. दिवाकर तेजस्वी ने कहा कि पर्सन सेंटर्ड मेडिसिन न केवल चिकित्सा को अधिक मानवीय बनाती है, बल्कि यह वैज्ञानिक रूप से बेहतर परिणाम देने वाली पद्धति भी है।