Rail Parcel Privatization -रेलवे में पार्सल बुकिंग का हुआ प्राइवेटाईजेशन, सोनपुर रेल मंडल के इस स्टेशन से हुई नई व्यवस्था की शुरूआत

Rail Parcel Privatization - सोनपुर रेल मंडल ने बरौनी स्टेशन पर पार्सल संचालन को बेहतर बनाने के लिए इसे निजी हाथों में सौंपा है, जिससे लोडिंग-अनलोडिंग में तेजी आएगी और ट्रेनों का समय बचेगा।

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Patna - सोनपुर रेल मंडल (Sonepur Railway Division) ने रेलवे के लॉजिस्टिक्स और पार्सल प्रबंधन को आधुनिक व दक्ष बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मंडल के प्रमुख स्टेशनों में से एक, बरौनी रेलवे स्टेशन पर पार्सल हैंडलिंग की जिम्मेदारी पहली बार एक निजी एजेंसी को सौंपी गई है। रेलवे के इस फैसले का मुख्य उद्देश्य पार्सल के लोडिंग-अनलोडिंग कार्य में तेजी लाना और स्टेशन पर ट्रेनों के अनावश्यक ठहराव को कम करना है।

लोडिंग-अनलोडिंग में आएगी अभूतपूर्व तेजी

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, अब तक हमालों (श्रमिकों) की कमी या असंगठित कार्यप्रणाली के कारण पार्सल हैंडलिंग में देरी होती थी। नई व्यवस्था के तहत, निजी एजेंसी द्वारा तैनात प्रशिक्षित श्रमिक पार्सल की लोडिंग, अनलोडिंग और ट्रांसशिपमेंट का कार्य करेंगे। इससे न केवल कार्य की गुणवत्ता सुधरेगी, बल्कि सामान के रखरखाव में होने वाली टूट-फूट की संभावना भी न्यूनतम हो जाएगी।

ट्रेनों के 'डिटेंशन' में होगी कमी, यात्रियों को राहत

पार्सल बोगियों की हैंडलिंग में होने वाली देरी का सीधा असर ट्रेनों के परिचालन पर पड़ता था। कई बार पार्सल चढ़ाने या उतारने के चक्कर में ट्रेनों को निर्धारित समय से अधिक देर तक प्लेटफॉर्म पर रुकना पड़ता था। अब निजी एजेंसी के त्वरित कार्य निष्पादन से ट्रेनों का 'डिटेंशन' (अनावश्यक ठहराव) कम होगा, जिससे ट्रेनों के समयबद्ध संचालन में सुधार होगा। यह आम यात्रियों के लिए भी सुखद खबर है क्योंकि इससे ट्रेनों की पंक्चुअलिटी बेहतर होगी।

व्यापारियों के लिए सुगम होगा लॉजिस्टिक्स सिस्टम

बरौनी जंक्शन बिहार का एक महत्वपूर्ण रेलवे हब है। यहाँ से पार्सल प्रबंधन बेहतर होने का सीधा लाभ स्थानीय व्यापारियों और छोटे कारोबारियों को मिलेगा। पार्सल की ट्रैकिंग अधिक सटीक होगी और सामान की समय पर डिलीवरी सुनिश्चित की जा सकेगी। इससे व्यापारियों का रेलवे के प्रति भरोसा बढ़ेगा और लॉजिस्टिक्स सिस्टम को एक नई मजबूती मिलेगी।

स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार

रेलवे सूत्रों के अनुसार, पार्सल हैंडलिंग को निजी एजेंसी को सौंपने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। एजेंसी को लोडिंग-अनलोडिंग और प्रबंधन के लिए बड़ी संख्या में श्रमिकों और सुपरवाइजर्स की आवश्यकता होगी। इससे बरौनी और आसपास के क्षेत्र के युवाओं को प्रत्यक्ष रूप से काम मिलने की संभावना है, जो क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के लिए भी सकारात्मक संकेत है।

'मेक इन इंडिया' की भावना को मिलेगा बल

सोनपुर के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) अमित शरण ने बताया कि यह पहल 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' के विजन के अनुरूप है। रेलवे अब अपनी सेवाओं को पेशेवर तरीके से संचालित करने पर ध्यान दे रहा है। पार्सल प्रबंधन को दक्ष बनाने के साथ-साथ निजी भागीदारी से परिचालन लागत को कम करने और दक्षता बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।