Bihar News : ‘ग्रीन कॉरीडोर’ के रूप में विकसित होगा पटना गया डोभी राष्ट्रीय राजमार्ग, 65 किलोमीटर में लगाये जायेंगे 21 हज़ार से अधिक पौधे

Bihar News : पटना गया डोभी फोरलेन को ‘ग्रीन कॉरीडोर’ के रूप में विकसित किया जायेगा. जहाँ 65 किलोमीटर में 21 हज़ार से अधिक पौधे लगाये जायेंगे.......पढ़िए आगे

Bihar News : ‘ग्रीन कॉरीडोर’ के रूप में विकसित होगा पटना गया
‘ग्रीन कॉरीडोर’ बनेगा पटना गया डोभी फोरलेन - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : बिहार में पर्यावरण संरक्षण सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू होने जा रही है। पटना–गया–डोभी राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) को ‘ग्रीन कॉरीडोर’ के रूप में विकसित करने की योजना को मूर्तरूप देने के लिए इसकी समुचित कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इस अमलीजामा पहनाने को लेकर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रमोद कुमार ने खासतौर से निर्देश दिए। वह विभागीय पदाधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर समीक्षा बैठक कर रहे थे। विभाग के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के तहत सड़क के दोनों किनारों पर बड़े पैमाने पर फलदार पौधे लगाए जाएंगे। वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक गयाजी वन प्रमंडल के अंतर्गत 65 किमी के क्षेत्र में लगभग 21 हजार 500 पौधे लगाने की योजना है।

पटना से डोभी तक बदलेगा सफर का नज़ारा”

इस योजना की खास बात यह है कि इसे स्थानीय जनप्रतिनिधियों, मुखिया, पंचायत सदस्यों,  जिला पार्षद, विधायक, जिला अधिकारी के सहयोग से लागू किया जाएगा। किसानों के साथ समन्वय स्थापित कर उनकी आमदनी बढ़ाने को लेकर उनकी रैयती जमीन पर भी वृक्षारोपण कराया जाएगा, जिससे ‘कम्यूनिटी फार्मिंग’ को बढ़ावा मिलेगा। इससे न सिर्फ हरित आवरण बढ़ेगा, बल्कि किसानों की आय में भी वृद्धि होगी।

सड़क किनारे फल ही फल!

मंत्री ने ग्रीन कॉरिडोर के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विस्तृत मार्ग दर्शिका तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही बीज और पौधों को सही तरीके से लगाने पर विशेष ध्यान देने तथा किसानों को इसे लेकर प्रशिक्षण देने की बात कही। प्रशिक्षण के माध्यम से किसानों को पौधारोपण के अलावा इनके देखभाल और उससे होने वाले आर्थिक लाभ की जानकारी दी जाएगी। इसके लिए किसानों को प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ स्थल निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए। इस कार्य के लिए हरियाली मिशन के निदेशक को नोडल पदाधिकारी के तौर पर नामित किया गया है। इस मामले को लेकर 19 मार्च को हरियाली के क्षेत्र में कार्य करने वाले तमाम स्वयंसेवी संस्थानों के साथ बैठक की जाएगी। उनसे इस कॉरिडोर को तैयार करने को लेकर सुझाव लिए जाएंगे। योजना के तहत हर 5 किलोमीटर के दायरे में एक ही किस्म के फलदार पेड़ लगाए जाएंगे, जिससे समरूपता के साथ हरित पट्टी विकसित हो सके। इसमें आम, अमरूद, जामुन, लीची, कटहल, आंवला, बेल, नींबू, सहजन, नीम, बरगद, पीपल और पाकड़ जैसे पौधों को शामिल किया गया है। इससे न केवल सड़क किनारे का वातावरण मनमोहक बनेगा, बल्कि फलों के उत्पादन से स्थानीय बाजार को भी बढ़ावा मिलेगा। एनएच पर मौजूद पेट्रोल पंपों के आसपास मौजूद खाली जमीन पर भी पौधारोपण करने के निर्देश दिए गए हैं। इस पहल से मधुमक्खी पालन जैसे सहायक रोजगार को भी प्रोत्साहन मिलेगा, विशेषकर सहजन के पेड़ों से प्राप्त उच्च गुणवत्ता का शहद किसानों के लिए अतिरिक्त आय का स्रोत बन सकता है।

बैठक में रहे शामिल

इस बैठक में विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, पीसीसीएफ हॉफ पी के गुप्ता, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (विकास) अरविंदर सिंह, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (कैंपा) सह नोडल ऑफिसर वन संरक्षण पटना सुरेंद्र कुमार, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक सह मुख्य वन्यप्राणी प्रतिपालक अभय कुमार, सीसीएफ सह निदेशक हरियाली मिशन एस चंद्रशेखर, सीसीएफ सह विशेष सचिव आलोक कुमार, सीएफ ईको टूरिज्म सत्यजीत कुमार उपस्थित रहे।