Bihar Politics: राबड़ी आवास विवाद पर रोहिणी का खुला चैलेंज! बोलीं- हिम्मत है तो जबरन खाली करवाए सरकार, सियासत गरमाई

Bihar Politics:पूर्व मुख्यमंत्री रबड़ी देवी को सरकारी बंगला खाली करने के नोटिस के बाद अब पूरा लालू परिवार सरकार के खिलाफ एकजुट नजर आ रहा है।

Rohini Acharya Slams Govt Over Rabri Devi Bungalow Eviction
राबड़ी आवास पर घमासान- फोटो : social Media

Bihar Politics: बिहार की राजनीति में 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास को लेकर सियासी संग्राम तेज हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री रबड़ी देवी  को सरकारी बंगला खाली करने के नोटिस के बाद अब पूरा लालू परिवार सरकार के खिलाफ एकजुट नजर आ रहा है। इस विवाद में राष्ट्रीय जनता दल की नेता और रोहिणी आचार्य भी खुलकर मैदान में उतर आई हैं।

रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सरकार को सीधी चुनौती देते हुए लिखा, “अगर हिम्मत है तो जबरन बंगला खाली करवाए सरकार।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की कार्रवाई कर रही है। उनके मुताबिक सरकार महंगाई, बेरोजगारी और जनसमस्याओं के समाधान में विफल रही है, लेकिन विपक्षी नेताओं को परेशान करने में पूरी ताकत झोंक रही है। उन्होंने इसे सुशासन नहीं बल्कि बदले की राजनीति करार दिया।

दरअसल, भवन निर्माण विभाग ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने का तीसरा नोटिस जारी किया है। विभाग का कहना है कि यह आवास अब बिहार सरकार के पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित किया जा चुका है। विभाग के अनुसार बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बाद राबड़ी देवी को 39 हार्डिंग रोड स्थित नया सरकारी आवास आवंटित किया गया था।

हालांकि राबड़ी देवी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी कीमत पर 10 सर्कुलर रोड का आवास खाली नहीं करेंगी। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी  फोर्स भेजकर आवास खाली करवा लें। उनके इस बयान ने राजनीतिक माहौल को और अधिक गर्म कर दिया है।

इसी बीच सचिवालय की एसडीपीओ अनु कुमारी राबड़ी आवास पहुंचीं। मौके पर पुलिस बल भी तैनात किया गया। अधिकारियों और राबड़ी देवी के बीच अंदर बातचीत हुई, जिसके बाद पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक हलकों की नजरें टिक गई हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि यह मामला प्रशासनिक कार्रवाई तक सीमित रहता है या बिहार चुनावी राजनीति का बड़ा मुद्दा बनता है।