LPG Connection: रसोई गैस पर मोदी सरकार का हंटर, एक घर में दो एलपीजी कनेक्शन रखने पर पूरी तरह बैन, जमा कर दें नहीं तो बंद हो जाएगी सप्लाई, पढ़ लीजिए नया नियम
LPG Connection: बिहार के करोड़ों एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद जरूरी और सनसनीखेज खबर है।...
LPG Connection: बिहार के करोड़ों एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद जरूरी और सनसनीखेज खबर है। केंद्र सरकार ने गैस कंट्रोल ऑर्डर में बड़ा संशोधन करते हुए यह साफ कर दिया है कि अब एक घर में केवल एक ही एलपीजी कनेक्शन रखा जा सकता है। अगर आपके घर में एक से ज्यादा गैस कनेक्शन हैं, तो संभल जाइए, क्योंकि सरकार ने एक से अधिक कनेक्शन रखने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है।
देश की तीनों दिग्गज सरकारी तेल कंपनियों इंडियन ऑयल, एचपीसीएल और भारत पेट्रोलियम ने एक संयुक्त सार्वजनिक नोटिस जारी कर उपभोक्ताओं को अल्टीमेटम दिया है। हुकूमत के नए निजाम के मुताबिक, आगामी 1 जून 2026 से इस नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी चाबुक चलाया जाएगा।
सरकार ने नए आदेश में परिवार और रसोई'की परिभाषा को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है:
एक रसोई, एक कनेक्शन: एक परिवार (जिसमें पति, पत्नी, विवाहित बच्चे और आश्रित माता-पिता शामिल हैं) में अगर रसोई एक है, तो वहां केवल एक ही एलपीजी कनेक्शन वैध माना जाएगा।ब्लैक लिस्ट होगी सप्लाई: अगर किसी ने लालच या लापरवाही में अतिरिक्त कनेक्शन छिपाकर रखा, तो उसकी गैस सप्लाई तुरंत ब्लॉक (बंद) कर दी जाएगी। यह सप्लाई तभी बहाल होगी जब आप सारे एक्स्ट्रा कनेक्शन सरेंडर कर देंगे।
डीबीसी की सहूलियत: राहत की बात यह है कि अतिरिक्त कनेक्शन सरेंडर करने के बाद, उपभोक्ता अपने इकलौते कनेक्शन को डबल बॉटल कनेक्शन (DBC) यानी दो सिलेंडरों वाले कनेक्शन में तब्दील करवा सकते हैं।जिन घरों में पाइप वाली प्राकृतिक गैस यानी पीएनजी (PNG) पहुंच चुकी है, उनके लिए एलपीजी रखने के रास्ते पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं। हालांकि, हालिया 25 मई 2026 के संशोधन के तहत उपभोक्ताओं को एक बड़ी सहूलियत भी दी गई है:
नया नियम: पीएनजी कनेक्शन चालू होने के ठीक 30 दिनों के भीतर एलपीजी कनेक्शन को सरेंडर करना लाजिमी (अनिवार्य) होगा। उपभोक्ता चाहें तो 'ट्रांसफर वाउचर' भी ले सकते हैं, ताकि भविष्य में अगर वे किसी ऐसे इलाके में शिफ्ट हों जहां पीएनजी न हो, तो उनका एलपीजी कनेक्शन दोबारा चालू हो सके।
तेल कंपनियों के आला अधिकारियों के मुताबिक, इस कड़े फैसले के पीछे हुकूमत का मकसद सब्सिडी वाले सिलेंडरों के बेजा इस्तेमाल और इसकी ब्लैक मार्केटिंग ) के काले धंधे को नेस्तनाबूद करना है। इसके जरिए बचे हुए सिलेंडरों को देश के गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाया जाएगा, जिन्हें अब तक स्वच्छ ईंधन मयस्सर नहीं हुआ है।उपभोक्ता इस पूरी प्रक्रिया को अपने गैस डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाकर या घर बैठे ऑनलाइन पोर्टल के जरिए फौरन मुकम्मल कर सकते हैं। समय रहते कदम उठाएं, वरना 1 जून से आपकी रसोई का चूल्हा ठप हो सकता है!