अब लंदन-पेरिस जैसा दिखेगा पटना? ₹2914 करोड़ के बजट में छिपा है शहर का नया भविष्य, सेंसर लाइट से जगमगाएगी पटना की सड़कें

पटना नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹2914 करोड़ का बजट पेश किया है, जिसमें सेंसर वाली लाइटों और डिमांड सिग्नल जैसी अत्याधुनिक तकनीक पर जोर दिया गया है।

अब लंदन-पेरिस जैसा दिखेगा पटना? ₹2914 करोड़ के बजट में छिपा

Patna - बिहार की राजधानी पटना अब तकनीक के मामले में देश के बड़े महानगरों को सीधी टक्कर देने जा रही है। सोमवार को मेयर सीता साहू की अध्यक्षता में हुई सशक्त स्थायी समिति की बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 2914 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट पेश किया गया। इस बजट का मुख्य केंद्र 'स्मार्ट गवर्नेंस' और 'आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर' है। नगर निगम का लक्ष्य पटना को एक ऐसे शहर के रूप में विकसित करना है जहां नागरिक सुविधाएं पूरी तरह से ऑटोमेटेड और डेटा-आधारित हों।

सेंसर वाली लाइटों से जगमगाएंगी गलियां

इस बजट की सबसे क्रांतिकारी घोषणा स्ट्रीट लाइटों को लेकर है। नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने बताया कि शहर की पुरानी 82 हजार लाइटों को अब आईओटी (IoT) आधारित सेंसर वाली स्मार्ट लाइटों में बदला जाएगा। इन लाइटों की खासियत यह होगी कि इन्हें जलाने या बुझाने के लिए किसी मानवीय हस्तक्षेप की जरूरत नहीं होगी; ये शाम होते ही खुद जल उठेंगी और सुबह होते ही बंद हो जाएंगी। इन सभी को एक सेंट्रलाइज्ड कमांड सेंटर से जोड़ा जाएगा, जिससे किसी भी लाइट के खराब होने पर उसकी सूचना तुरंत मुख्यालय को मिल जाएगी।

बटन दबाते ही थमेगा ट्रैफिक, सुरक्षित होगी राह

पैदल यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए पटना में पहली बार 'डिमांड लाइट' सिस्टम शुरू किया जा रहा है। अक्सर व्यस्त सड़कों को पार करना पैदल यात्रियों के लिए जोखिम भरा होता है, लेकिन अब सड़क किनारे लगे एक बटन को दबाते ही ट्रैफिक सिग्नल लाल हो जाएगा और वाहन रुक जाएंगे। हालांकि, यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए इस सिस्टम में स्मार्ट लॉक रखा गया है, जिसके तहत एक बार बटन दबाने के बाद दोबारा यह सुविधा 20 मिनट के अंतराल के बाद ही सक्रिय होगी।

जीआईएस मैपिंग से रुकेगी टैक्स चोरी

नगर निगम को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए अब तकनीक का कड़ा पहरा होगा। शहर के हर घर और व्यावसायिक संपत्ति की जीआईएस (GIS) मैपिंग कराई जाएगी। इस डिजिटल सर्वे के जरिए संपत्तियों की सटीक स्थिति और क्षेत्रफल का पता चलेगा, जिससे होल्डिंग टैक्स की चोरी पर लगाम लगेगी। निगम ने इस आधुनिक तकनीक के माध्यम से आगामी वर्ष में होल्डिंग टैक्स से 137 करोड़ रुपये राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा है, जो शहर के विकास कार्यों में खर्च किया जाएगा।

भव्य प्रवेश द्वार और नई कॉलोनियों का विस्तार

शहर के सौंदर्यीकरण और विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। पटना में प्रवेश करने वाले सात मुख्य रास्तों पर भव्य प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे, जो आगंतुकों को एक आधुनिक शहर का अहसास कराएंगे। इसके साथ ही, शहर के बाहरी इलाकों में विकसित हो रही नई कॉलोनियों और गलियों का सर्वे कर उन्हें भी स्मार्ट लाइट और ड्रेनेज नेटवर्क से जोड़ने की योजना है। यह बजट न केवल पटना की चमक बढ़ाएगा, बल्कि आम नागरिकों के जीवन स्तर को भी वैश्विक मानकों के करीब ले जाएगा।