Patna Traffic:पटनावासी ध्यान दें! बेली रोड की एक लेन होगी बंद, राजधानी की रफ्तार होगी कम, नया रुट जारी
Patna Traffic: राजधानी में मेट्रो परियोजना के तेजी से आगे बढ़ते काम के बीच आयकर गोलंबर से पटेल भवन तक नेहरू पथ की एक लेन 22 जून से पूरी तरह बंद कर दी जाएगी।...
Patna Traffic: पटना की लाइफलाइन मानी जाने वाली बेली रोड पर अब यातायात का नया इम्तिहान शुरू होने जा रहा है। राजधानी में मेट्रो परियोजना के तेजी से आगे बढ़ते काम के बीच आयकर गोलंबर से गोल्फ क्लब (पटेल भवन) तक नेहरू पथ की एक लेन 22 जून से पूरी तरह बंद कर दी जाएगी। इसके पहले 20 और 21 जून को ट्रायल रन कर यातायात व्यवस्था का जायजा लिया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि यह कदम मेट्रो स्टेशन और ट्रैक निर्माण कार्य को गति देने के लिए उठाया जा रहा है, लेकिन इसका असर पूरे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पर पड़ना तय माना जा रहा है।
नई व्यवस्था के तहत इनकम टैक्स गोलंबर से चिड़ियाखाना और दानापुर की ओर जाने वाली एक लेन को बंद कर दिया जाएगा। इस मार्ग पर सिर्फ एक लेन से यातायात संचालित होगा और उस पर भी निजी वाहनों को प्राथमिकता दी जाएगी। यानी राजधानी के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल बेली रोड पर अब वाहनों की रफ्तार पहले जैसी नहीं रहने वाली।
यातायात पुलिस ने इस बदलाव को लागू करने से पहले दो चरणों में ट्रायल की योजना बनाई है। पहला ट्रायल 20 जून को दिन के 11 बजे किया जाएगा, जबकि दूसरा ट्रायल 21 जून को पीक आवर्स में होगा। प्रशासन का मकसद यह समझना है कि नई व्यवस्था से ट्रैफिक का दबाव किन-किन मार्गों पर बढ़ेगा और उससे निपटने के लिए क्या अतिरिक्त इंतजाम करने होंगे।
सबसे बड़ा असर व्यावसायिक और मालवाहक वाहनों पर पड़ेगा। इनकम टैक्स गोलंबर से विकास भवन और गोल्फ क्लब की ओर जाने वाले कॉमर्शियल वाहनों के परिचालन पर पूरी तरह रोक रहेगी। ऐसे वाहनों को वीरचंद पटेल पथ की ओर मोड़ दिया जाएगा। वहां से आर ब्लॉक, हार्डिंग रोड, पटेल गोलंबर, एयरपोर्ट और डुमरा चौकी होते हुए उन्हें दोबारा बेली रोड में प्रवेश करना होगा। जाहिर है कि इस डायवर्जन से शहर के कई अन्य मार्गों पर ट्रैफिक का अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा।
वहीं पटेल भवन से इनकम टैक्स गोलंबर की ओर आने वाली लेन में केवल निजी वाहनों को आने-जाने की अनुमति होगी। मालवाहक और भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इससे आम वाहन चालकों को कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन दूसरी ओर व्यवसायिक परिवहन और सार्वजनिक यातायात के लिए नई चुनौतियां भी खड़ी होंगी।ट्रैफिक एसपी (प्रभार) सतीश कुमार के अनुसार, ट्रायल का उद्देश्य संभावित समस्याओं की पहचान कर उनका समाधान निकालना है, ताकि 22 जून से नई व्यवस्था को सुचारु रूप से लागू किया जा सके।
बहरहाल, मेट्रो परियोजना राजधानी के विकास का बड़ा सपना है, लेकिन इस सपने की कीमत फिलहाल पटना की सड़कों को चुकानी पड़ रही है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन इस दबाव को किस तरह संभालते हैं। फिलहाल राजधानीवासियों को जाम, डायवर्जन और लंबी यात्रा के लिए मानसिक रूप से तैयार रहना होगा, क्योंकि विकास की इस राह में ट्रैफिक की परीक्षा अभी और बाकी है।