Bihar Politics:सिर्फ बंगला नहीं, पूरी सुविधाएं चाहिए.... 39 हार्डिंग रोड को लेकर राबड़ी की शर्तें, सियासत में फिर गरमाया आवास का मसला

Bihar Politics: पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने राज्य सरकार के समक्ष स्पष्ट कर दिया है कि 39 हार्डिंग रोड स्थित आवास में स्थानांतरण तभी संभव होगा, जब वहां 10 सर्कुलर रोड जैसी तमाम सुविधाएं उपलब्ध करा दी जाएं।

Rabri Seeks 10 Circular Road Like Facilities at 39 Harding r
'सिर्फ बंगला नहीं, पूरी सुविधाएं चाहिए'- फोटो : social Media

Bihar Politics: बिहार की राजनीति में एक बार फिर सरकारी आवास और सुविधाओं का मुद्दा चर्चा के केंद्र में आ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने राज्य सरकार के समक्ष स्पष्ट कर दिया है कि 39 हार्डिंग रोड स्थित आवास में स्थानांतरण तभी संभव होगा, जब वहां 10 सर्कुलर रोड जैसी तमाम सुविधाएं उपलब्ध करा दी जाएं। इस मांग ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।

राजद की ओर से कहा गया है कि यह केवल आवास का मामला नहीं, बल्कि सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ा विषय है। पार्टी का तर्क है कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। किडनी प्रत्यारोपण के बाद उन्हें संक्रमण से बचाने के लिए विशेष इंतजाम जरूरी हैं। यही वजह है कि नए आवास में अलग कार्यालय, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और चारों कोनों पर सिक्योरिटी वॉच टावर जैसी सुविधाओं की मांग की गई है।

राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव का कहना है कि 39 हार्डिंग रोड में फिलहाल न तो कार्यालय की पर्याप्त व्यवस्था है और न ही सुरक्षा के वे इंतजाम हैं, जो 10 सर्कुलर रोड में उपलब्ध हैं। उनका दावा है कि जैसे ही ये सुविधाएं बहाल हो जाएंगी, लालू परिवार को 10 सर्कुलर रोड छोड़ने में "एक सेकेंड" भी नहीं लगेगा।

राजनीतिक जानकारों की नजर में यह मामला सिर्फ सुविधाओं तक सीमित नहीं है। विपक्ष इसे लालू परिवार की वैध जरूरत बता रहा है, जबकि सत्ता पक्ष के कुछ हलकों में इसे विशेष रियायतों की मांग के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि राजद का कहना है कि यह कोई सियासी सौदेबाजी नहीं, बल्कि एक पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय स्तर के वरिष्ठ नेता की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य से जुड़ा वाजिब मुद्दा है।

दिलचस्प बात यह है कि राजद ने यह भी याद दिलाया है कि नीतीश कुमार के कार्यकाल में ही लालू प्रसाद की सुरक्षा और स्वास्थ्य आवश्यकताओं को देखते हुए 10 सर्कुलर रोड में विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। अब निगाहें राज्य सरकार पर टिकी हैं कि वह इन मांगों को किस नजरिए से देखती है प्रशासनिक आवश्यकता के रूप में या फिर एक नए राजनीतिक विवाद के रूप में। फिलहाल आवास का यह मुद्दा सत्ता और विपक्ष के बीच चर्चा का नया केंद्र  बन गया है।