Patna Highcourt News : पटना हाईकोर्ट का सख्त रुख, शराब तस्करी में जब्त कार को मुक्त करने से किया इनकार, याचिका को किया खारिज
PATNA : पटना हाईकोर्ट ने बिहार में शराबबंदी कानून को कड़ाई से लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। जस्टिस मोहित कुमार शाह और जस्टिस अरुण कुमार झा की खंडपीठ ने प्रयागध्वज यादव बनाम बिहार सरकार मामले की सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता की उस अर्जी को खारिज कर दिया, जिसमें शराब तस्करी में जब्त की गई हुंडई वेन्यू कार को मुक्त करने की मांग की गई थी।
इस मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सौरभ यादव ने सुप्रीम कोर्ट से वर्चुअल माध्यम (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) के जरिए अपनी दलीलें पेश कीं। उन्होंने तर्क दिया कि याचिकाकर्ता ने ईएमआई भरने के लिए अपनी कार 'ज़ूम कार' ऐप के माध्यम से किराए पर दी थी। उसे इस तस्करी की कोई जानकारी नहीं थी। वहीं, बिहार राज्य का पक्ष रखते हुए सरकारी अधिवक्ता प्रशांत प्रताप ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। अधिवक्ता प्रशांत प्रताप ने कोर्ट को बताया कि वाहन से 350.250 लीटर भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद हुई है, जो कानून का गंभीर उल्लंघन है।
सरकारी वकील प्रशांत प्रताप ने यह भी बताया कि इतनी बड़ी मात्रा में अवैध शराब की बरामदगी को देखते हुए वाहन को सार्वजनिक हित में छोड़ना उचित नहीं होगा। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सरकारी अधिवक्ता प्रशांत प्रताप की तथ्यों से सहमति जताई। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि चूंकि मामला 350 लीटर से अधिक शराब की बरामदगी का है, इसलिए नियमों के तहत वाहन को जब्त करना सही कदम है।
हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता के पास बिहार निषेध और उत्पाद शुल्क अधिनियम की धारा 92 के तहत अपील करने का वैकल्पिक और प्रभावी कानूनी रास्ता मौजूद है, जिसे छोड़कर सीधे रिट याचिका दायर करना विचारणीय नहीं है। इसी आधार पर कोर्ट ने हस्तक्षेप से इनकार करते हुए याचिका को निष्प्रभावी करार दिया।