Patna High Court News : पटना हाईकोर्ट का बड़ा निर्देश, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं पर सरकार 8 मई तक दाखिल करे हलफनामा, टोल-फ्री नंबर से मिलेगी मदद

Patna High Court News : पटना हाईकोर्ट राज्य में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सरकार को हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है......पढ़िए आगे

Patna High Court News : पटना हाईकोर्ट का बड़ा निर्देश, मानसि
राज्य सरकार को निर्देश - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : पटना हाईकोर्ट ने राज्य में बढ़ते मानसिक बीमारी के मामलें पर सभी सम्बन्धित पक्षों को की गयी कार्रवाईयों के सम्बन्ध में  8 मई,2026 तक हलफ़नामा दायर करने का निर्देश दिया। चीफ जस्टिस संगम कुमार साहू की खंडपीठ ने स्वयं संज्ञान लेते हुए  व इस सम्बन्ध में दायर जनहित याचिका की संयुक्त से सुनवाई की। इस मामलें पर अगली सुनवाई 11 मई को होगी। कोर्ट को बताया गया कि 182.325/- रुपये प्रति दिन प्रति रोगी निःशुल्क भोजन की आपूर्ति के लिए 01-10-2025 से भुगतान किया जा रहा है। इस संबंध में बिहार राज्य मानसिक स्वास्थ्य एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान के निदेशक के ज्ञापन संख्या 704 दिनांक 31-12-2025 के माध्यम से एक आदेश जारी किया गया है। 

राज्य सरकार ने ज्ञापन संख्या 1729(12) दिनांक 8 दिसंबर,2022 से निहित संकल्प के माध्यम से रोगियों को दवाओं की निःशुल्क आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्णय लिया हैं। बिहार राज्य मानसिक स्वास्थ्य एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान को 144 प्रकार की दवाएं आपूर्ति की जा रही हैं, जो रोगियों को निःशुल्क दी जा रही हैं। कोर्ट का कहना था कि जो भी व्यक्ति प्रथम दृष्टया में मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं से ग्रस्त प्रतीत होने वाले किसी व्यक्ति को सड़कों पर भटकते हुए दिखे ,तो वह संबंधित प्राधिकरण को टोल-फ्री नंबर पर सूचना दे सके। टोल-फ्री नंबर आपातकालीन सहायता प्रदान करने के लिए 24x7 उपलब्ध है।

नवंबर ,2022 से अब तक बिहार राज्य में मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित कुल 36,381 व्यक्तियों को टेलीमानस कॉल के माध्यम से परामर्श दिया गया। 2019 में, मानसिक रूप से बीमार  दस महिलाओं और सात पुरुषों को उनके पते का पता लगाने के बाद उनके घर वापस भेजा गया।  2020 में, मानसिक रूप से बीमार रही नौ महिलाओं को उनके पते का पता लगाने के बाद उनके घर वापस भेज दिया गया। 2021 में, मानसिक रूप से बीमार रही चार महिलाओं को उनके पते का पता लगाने के बाद उनके घर वापस भेज दिया गया। 2022 में, मानसिक रूप से बीमार रही छह महिलाओं को उनके पते का पता लगाने के बाद उनके घर वापस भेज दिया गया। 2023 में, मानसिक रूप से बीमार रही आठ महिलाओं और तीन पुरुषों को उनके पते का पता लगाने के बाद उनके घर वापस भेज दिया गया। 2024 में, मानसिक रूप से बीमार रही ग्यारह महिलाओं और नौ पुरुषों को उनके पते का पता लगाने के बाद उनके घर वापस भेज दिया गया। 2025 में, मानसिक रूप से बीमार रही चौदह महिलाओं और दस पुरुषों को उनके पते का पता लगाने के बाद उनके घर वापस भेज दिया गया। वर्ष 2026 में अब तक मानसिक रूप से बीमार रह चुके दो महिलाओं और तीन पुरुषों को उनके पते का पता लगाने के बाद सफल उपचार के बाद उनके घर वापस भेजा गया हैं।

वर्तमान समय में पुरुष के लिए 100 बेड महिलाओं के लिए 60 और कैदियों के लिए 20 बेड है, जिसे निकट भविष्य में बढ़ाया जाएगा। 2023-24 में  नये ओपीडी रोगी 15655 आये, वही दुबारा दिखाने के लिए 14449 रोगी पहुचे। 2024-2025 में 20677 रोगी ओपीडी में आये जबकि दुबारा दिखाने के लिए 20219 रोगी पहुचे। इस मामलें पर 11 मई, 2026 को पुनः सुनवाई की जाएगी।