Patna constable exam: पटना सिपाही भर्ती परीक्षा में बड़ा खुलासा! बायोमेट्रिक जांच में फर्जीवाड़ा, अभ्यर्थी गिरफ्तार
Patna constable exam: पटना के गर्दनीबाग थाने के तहत सिपाही भर्ती शारीरिक परीक्षा में बायोमेट्रिक जांच के दौरान फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। यूपी के अभ्यर्थी रितेश सिंह गिरफ्तार, 7–10 लाख की सेटिंग का खुलासा।
Patna constable exam: पटना के गर्दनीबाग थाना क्षेत्र स्थित पटना हाई स्कूल में चल रही सिपाही भर्ती शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। बायोमेट्रिक जांच के दौरान एक अभ्यर्थी की पहचान में गड़बड़ी पाई गई, जिसके बाद पुलिस ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभ्यर्थी की पहचान रितेश सिंह के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के दिलदारनगर का निवासी बताया जा रहा है। इस घटना ने सिपाही भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बायोमेट्रिक जांच में कैसे पकड़ा गया फर्जीवाड़ा?
सिपाही भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान सभी अभ्यर्थियों की बायोमेट्रिक जांच की जा रही थी। यह प्रक्रिया इसलिए लागू की गई है ताकि लिखित परीक्षा और शारीरिक परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की पहचान पूरी तरह से सत्यापित की जा सके। रितेश सिंह जब परीक्षा केंद्र पर पहुंचा, तो नियमित प्रक्रिया के तहत उसकी उंगलियों के निशान और फोटो का मिलान किया गया। जांच के दौरान पाया गया कि उसकी फोटो और फिंगरप्रिंट्स रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रहे थे। इसी विसंगति ने अधिकारियों को सतर्क कर दिया। आगे की पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि लिखित परीक्षा किसी अन्य व्यक्ति, जिसे “स्कॉलर” कहा जा रहा है, ने दी थी। आरोप है कि बिचौलियों और सेटर गिरोह की मदद से बायोमेट्रिक सिस्टम में सेटिंग कर स्कॉलर को परीक्षा में बैठाया गया था।
7 से 10 लाख की सेटिंग: सेटर गिरोह और बिचौलियों का नेटवर्क
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि रितेश सिंह ने कथित तौर पर 7 से 10 लाख रुपये में सेटर गिरोह से संपर्क कर लिखित परीक्षा पास कराने की सेटिंग की थी। इस नेटवर्क में बिचौलियों की अहम भूमिका बताई जा रही है, जो अभ्यर्थियों और सेटर गिरोह के बीच कड़ी का काम करते हैं।
सूत्रों के अनुसार, बायोमेट्रिक कर्मियों की मिलीभगत से असली अभ्यर्थी की जगह स्कॉलर को बैठाया गया। स्कॉलर ने लिखित परीक्षा पास कर ली, जिससे रितेश सिंह का चयन अगले चरण यानी शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए हो गया। इसके बाद रितेश खुद परीक्षा में शामिल होने के लिए पटना पहुंचा। लेकिन बायोमेट्रिक मिलान के दौरान उसकी असल पहचान सामने आ गई।
गर्दनीबाग थाने में केस दर्ज, आगे की जांच जारी
घटना सामने आने के बाद रितेश सिंह को तत्काल गर्दनीबाग पुलिस के हवाले कर दिया गया। उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस मामले में बिचौलियों, सेटर गिरोह और संभावित अंदरूनी मिलीभगत की जांच कर रही है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं हो सकता, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क काम कर रहा हो सकता है। ऐसे में जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। यदि बायोमेट्रिक कर्मचारियों की संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पटना से अनिल की रिपोर्ट