सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनने पर नीतीश कुमार का खास संदेश, बिहार के लिए अब ऐसे करें काम

नीतीश कुमार की जगह बिहार में मुख्यमंत्री बनने वाले सम्राट चौधरी को नीतीश कुमार ने खास संदेश दिया है. बिहार के लिए कैसे काम करें यह भावना भी प्रकट की है.

Samrat Chaudhary/Nitish Kumar
Samrat Chaudhary/Nitish Kumar- फोटो : news4nation

Samrat Chaudhary : सम्राट चौधरी बिहार के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं. सम्राट चौधरी बिहार के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं. उन्हें राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सय्यद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने बुधवार को लोकभवन में आयोजित शपथ ग्रहण कार्यक्रम में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, सहित एनडीए के घटक दलों के कई शीर्ष नेता इस दौरान मौजूद रहे. सम्राट चौधरी बिहार के 24वें मुख्यमंत्री बने हैं. वहीं बिहार में पहली बार भाजपा सरकार बनी है जिसके मुखिया अब सम्राट चौधरी हैं. वहीं विजय चौधरी और विजेंद्र यादव को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है. दोनों ही अब नई सरकार में उप मुख्यमंत्री होंगे. 


उनके सीएम बनने पर नीतीश कुमार ने खास संदेश के साथ उन्हें बधाई दी है. अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से नीतीश कुमार ने कहा, 'आज बिहार के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करने पर श्री सम्राट चौधरी जी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। मुझे विश्वास है कि आपके नेतृत्व में बिहार और तेजी से विकसित होगा और देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल होगा।


कुमार हैं सम्राट चौधरी?

16 नवंबर 1968 को खगड़िया जिले में जन्मे सम्राट चौधरी एक मजबूत राजनीतिक पृष्ठभूमि से आते हैं। उनके पिता शकुनी चौधरी राज्य के दिग्गज समाजवादी नेता रहे हैं, जो सात बार विधायक और सांसद रह चुके हैं तथा विधानसभा के उपाध्यक्ष भी रहे। उनकी मां पार्वती देवी भी तारापुर से दो बार विधायक रह चुकी हैं। सम्राट चौधरी की पत्नी का नाम ममता कुमारी है और उनके एक बेटा व एक बेटी हैं।


राजद से शुरुआत 

सम्राट चौधरी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत लालू प्रसाद यादव के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से की। वर्ष 1999 में कम उम्र में उन्हें राबड़ी देवी मंत्रिमंडल में कृषि राज्य मंत्री बनाया गया, हालांकि कम उम्र को लेकर विवाद हुआ और बाद में उन्हें पद छोड़ना पड़ा।


जदयू और भाजपा तक का सफर

सम्राट चौधरी परबत्ता विधानसभा क्षेत्र से 2000 और 2010 में विधायक चुने गए। बाद में उन्होंने नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार में 2014 में शहरी विकास मंत्री के रूप में काम किया। जब जीतन राम मांझी मुख्यमंत्री बने, तब भी वे मंत्री रहे। इसके बाद उन्होंने जनता दल (यूनाइटेड) छोड़कर 2018 में भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया।


भाजपा में उनका कद तेजी से बढ़ा। उन्हें प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया, फिर विधान परिषद सदस्य (MLC) बने और 2022 में विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष चुने गए। मार्च 2023 में भाजपा ने उन्हें बिहार प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी और बाद में वे उपमुख्यमंत्री बने। अब वे मुख्यमंत्री बने हैं.