नवादा में अवैध नर्सिंग होम का कहर: प्रसूता और नवजात की मौत के बाद परिजनों का बवाल, प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

नवादा के रोह में अवैध नर्सिंग होम की लापरवाही से प्रसूता और नवजात की जान चली गई। पुलिस जांच जारी है। जिले में अवैध रूप से चल रहे क्लीनिकों के खिलाफ आक्रोश।

नवादा में अवैध नर्सिंग होम का कहर: प्रसूता और नवजात की मौत क

Nawada -  बिहार के नवादा जिले से एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। रोह प्रखंड के सिऊर रोड स्थित एक अवैध नर्सिंग होम में इलाज के दौरान जच्चा और बच्चा दोनों की मौत हो गई। बुधवार को हुई इस घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को संभाला और मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।

लापरवाही ने उजाड़ दिया घर

मृतका की पहचान कादिरगंज थाना क्षेत्र के मायाबीघा गांव निवासी पवन यादव की पत्नी प्रीति देवी के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि प्रसव के लिए प्रीति को नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था, लेकिन वहां मौजूद तथाकथित डॉक्टरों और स्टाफ की घोर लापरवाही के कारण माँ और बच्चे दोनों की जान चली गई। घटना के तुरंत बाद नर्सिंग होम के संचालक और कर्मी मौके से फरार बताए जा रहे हैं।

अवैध क्लीनिकों का 'मकड़जाल'

नवादा जिले में यह कोई पहली घटना नहीं है। स्थानीय लोगों के अनुसार, रोह और आसपास के इलाकों में अवैध नर्सिंग होम और अल्ट्रासाउंड सेंटर कुकुरमुत्ते की तरह उग आए हैं। आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत या चुप्पी के कारण ये केंद्र बिना किसी वैध लाइसेंस या विशेषज्ञ डॉक्टरों के धड़ल्ले से चल रहे हैं, जो सीधे तौर पर आम जनता की जान से खिलवाड़ है।

पुलिस और प्रशासन की भूमिका

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नर्सिंग होम की वैधता की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि जब तक इन अवैध केंद्रों को स्थायी रूप से सील नहीं किया जाता, तब तक मासूमों की जान जोखिम में बनी रहेगी।

स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर आरोप

इस घटना ने जिले के स्वास्थ्य महकमे पर भी गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रशासन केवल किसी बड़ी घटना के बाद जागता है, जबकि जिले भर में 'झोलाछाप' डॉक्टर मौत का कारोबार चला रहे हैं। अब देखना यह है कि क्या इस घटना के बाद नवादा प्रशासन इन अवैध क्लीनिकों के खिलाफ कोई बड़ा अभियान छेड़ता है या नहीं।

REport - aman sinha