Patna Crime News - पटना में दवाओं का महाखोटा खेल: 1 करोड़ की अवैध और सरकारी दवाएं जब्त, मास्टरमाइंड की तलाश तेज
पटना के अगमकुंआ में अवैध गोदाम से 1 करोड़ की दवाएं बरामद। सरकारी अस्पतालों वाली दवाओं की कालाबाजारी का भंडाफोड़। एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने दी पूरी जानकारी।
Patna - पटना पुलिस और नारकोटिक्स टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर अगमकुंआ थाना क्षेत्र के भागवत नगर में एक मकान पर छापेमारी की। यहाँ अवैध रूप से दवाओं का भंडारण किया गया था। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में नशीली दवाएं और कफ सिरप बरामद किए हैं। पटना एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा ने बताया कि यह गोदाम पूरी तरह अवैध था और यहाँ से प्रतिबंधित कोडीन सिरप भी मिला है।
सरकारी मुहर लगी दवाएं देख उड़े पुलिस के होश
छापेमारी के दौरान सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब भारी मात्रा में ऐसी दवाएं मिलीं जिन पर सरकारी मुहर लगी हुई थी और 'Not for Sale' लिखा था। ये दवाएं सरकारी अस्पतालों में मुफ्त वितरण के लिए होती हैं, लेकिन इन्हें इस निजी गोदाम में छिपाकर रखा गया था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि सरकारी आपूर्ति की ये दवाएं आखिर इस अवैध गोदाम तक कैसे पहुँचीं।
मास्टरमाइंड नीरज कुमार फरार, एक गुर्गा गिरफ्तार
एसएसपी ने बताया कि इस पूरे काले खेल का मास्टरमाइंड नीरज कुमार है, जो पटना के पीरबहोर थाना क्षेत्र के खजांची रोड का रहने वाला है। वह पहले भी दवाओं के कारोबार से जुड़ा रहा है। पुलिस की छापेमारी के दौरान नीरज भागने में सफल रहा, लेकिन पुलिस ने एक अन्य आरोपी जयंत कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। नीरज की गिरफ्तारी के लिए विशेष छापेमारी की जा रही है।
औषधि विभाग ने शुरू की बैच नंबर की जांच
इस बड़े रैकेट का खुलासा होने के बाद औषधि विभाग (Drug Department) की टीम भी सक्रिय हो गई है। विभाग की टीम बरामद दवाओं के बैच नंबर की ट्रेसिंग कर रही है। इससे यह पता चल सकेगा कि ये सरकारी दवाएं किस जिले या अस्पताल को सप्लाई की गई थीं और कहाँ से इनकी चोरी या कालाबाजारी की गई है। एक्सपायरी दवाओं के मिलने की भी सूचना है, जिसकी सूक्ष्मता से जांच जारी है।
नशे के कारोबार के खिलाफ पटना पुलिस की बड़ी चोट
बिहार में शराबबंदी के बाद सूखे नशे और प्रतिबंधित दवाओं के बढ़ते चलन को रोकने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि नशे के सौदागरों के खिलाफ पटना पुलिस का यह अभियान जारी रहेगा। इस मामले में संलिप्त अन्य सफेदपोशों और दवा व्यवसायियों की भी पहचान की जा रही है।
रिपोर्ट - अनिल कुमार