बिहार में औद्योगिक क्रांति : बियाडा PCC की बैठक में 30 परियोजनाओं को मंजूरी, 627 करोड़ के निवेश से मिलेंगे 3,300 से ज्यादा रोजगार

बिहार में औद्योगिक क्रांति और रोजगार सृजन को लेकर उद्योग विभाग ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। बियाडा की परियोजना समाशोधन समिति (PCC) की बैठक में उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार की अध्यक्षता में कुल 30 नई औद्योगिक परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है

बिहार में औद्योगिक क्रांति : बियाडा PCC की बैठक में 30 परियो
बियाडा PCC की बैठक में 30 परियोजनाओं को मंजूरी- फोटो : नरोत्तम कुमार

Patna : बिहार में औद्योगिक विकास की रफ्तार को एक नई और बड़ी गति मिलने जा रही है। बिहार सरकार के उद्योग विभाग के अंतर्गत 'बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार' (BIADA) की परियोजना समाशोधन समिति (PCC) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। उद्योग विभाग के सचिव सह बियाडा व आएडा के प्रबंध निदेशक (MD) कुंदन कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कुल 30 बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाई गई। इन प्रस्तावित फैक्ट्रियों और इकाइयों की स्थापना के लिए समिति द्वारा 26.59 एकड़ भूमि का आवंटन भी तत्काल स्वीकृत कर दिया गया है।


627.83 करोड़ का भारी-भरकम निवेश, स्थानीय युवाओं को मिलेगा काम

इस बैठक में स्वीकृत की गई परियोजनाओं के जरिए बिहार में लगभग 627.83 करोड़ के भारी-भरकम पूंजी निवेश (Investment) का रास्ता साफ हो गया है। इस निवेश का सबसे बड़ा फायदा राज्य के बेरोजगार युवाओं को होगा, क्योंकि इन उद्योगों के शुरू होने से करीब 3,329 लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। यह निवेश न केवल बिहार के औद्योगिक परिदृश्य को बदलेगा, बल्कि राज्य की आंतरिक अर्थव्यवस्था को भी एक नया और मजबूत आधार प्रदान करेगा।


मुजफ्फरपुर, बिहटा और हाजीपुर सहित इन औद्योगिक क्षेत्रों में खुलेंगी इकाइयां

प्रस्तावित फैक्ट्रियों और निर्माण इकाइयों को राज्य के अलग-अलग जिलों में स्थित बियाडा के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों (IA) और औद्योगिक विकास केंद्रों (IGC) में स्थापित किया जाएगा। इनमें मुख्य रूप से:

  • औद्योगिक क्षेत्र (IA) सिकंदरपुर,
  • औद्योगिक विकास केंद्र (IGC) मरंगा,
  • औद्योगिक क्षेत्र (IA) डुमरिया,
  • ईपीआईपी (EPIP) हाजीपुर,
  • एमआईपी (MIP) बिहटा,
  • औद्योगिक क्षेत्र (IA) मुजफ्फरपुर सहित कई अन्य रणनीतिक क्षेत्र शामिल हैं।

निवेशकों का बढ़ रहा है भरोसा: उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह

बिहार की उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने इस बड़ी कामयाबी पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि बिहार में लगातार बढ़ रहा औद्योगिक निवेश राज्य सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियों (Investor Friendly Policies) और बिहार के प्रति निवेशकों के बढ़ते भरोसे का सीधा प्रमाण है। उन्होंने कहा कि इन स्वीकृत परियोजनाओं से स्थानीय स्तर पर न केवल बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा, बल्कि युवाओं के कौशल विकास (Skill Development) में भी मदद मिलेगी। सरकार बिहार को देश के अग्रणी विनिर्माण (Manufacturing) हब के रूप में स्थापित करने के लिए पूरी तरह संकल्पित है।


फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल और फार्मा जैसे क्षेत्रों पर विशेष फोकस

बियाडा के एमडी कुंदन कुमार ने बताया कि राज्य सरकार संतुलित और समावेशी औद्योगिक विकास के लिए पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रही है। निवेशकों को समयबद्ध तरीके से जमीन और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराया जा रहा है। इस बार जिन 30 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, वे मुख्य रूप से खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing), कपड़ा उद्योग (Textile), दवा निर्माण (Pharmaceuticals) और जनरल मैन्यूफैक्चरिंग जैसे बेहद महत्वपूर्ण और विविध क्षेत्रों से जुड़ी हुई हैं।


क्रिएटिव गारमेंट्स और मिल्कवेल डेयरी समेत ये प्रमुख कंपनियां लगाएंगी प्लांट

इस बार स्वीकृत की गई प्रमुख औद्योगिक इकाइयों में देश-विदेश की कई जानी-मानी और प्रतिष्ठित कंपनियां शामिल हैं, जो बिहार में अपने प्लांट स्थापित करने जा रही हैं। इनमें मुख्य रूप से:

  • क्रिएटिव गारमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड (Creative Garment's Pvt Ltd)
  • मिल्कवेल डेयरी प्राइवेट लिमिटेड (Milkwell Dairy Pvt Ltd)
  • मेसर्स कॉस्मोजिंग फूडलैब्स प्राइवेट लिमिटेड (M/s Cosmozing Foodlabs Pvt Ltd)
  • एमवीएस पैकेजिंग प्राइवेट लिमिटेड (MVS Packaging Pvt Ltd)
  • मेसर्स निश्चय पॉलीफैब्स प्राइवेट लिमिटेड (M/s Nishchay Polyfabs Pvt Ltd)

इन सभी बड़ी परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से बिहार में व्यापारिक गतिविधियों का विस्तार होगा और युवाओं के लिए स्वरोजगार (Self-Employment) के भी नए रास्ते खुलेंगे।


नरोत्तम की रिपोर्ट