Muzaffarpur Crime: तिरहुत रेंज में अपराध नियंत्रण पर सख्ती, DIG ने पुलिस अधिकारियों को दिए अहम निर्देश

Muzaffarpur Crime: तिरहुत रेंज की अपराध समीक्षा बैठक में DIG चंदन कुशवाहा ने मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, वैशाली और शिवहर पुलिस को लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन और अपराध नियंत्रण के सख्त निर्देश दिए।

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मुजफ्फरपुर रेंज में अपराध पर लगाम लगाने की तैयारी- फोटो : news4nation

Muzaffarpur Crime: तिरहुत रेंज  के पुलिस उप-महानिरीक्षक (DIG) चंदन कुशवाहा की अध्यक्षता में गुरुवार को मासिक अपराध समीक्षा बैठक हुई। इस बैठक में मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, वैशाली और शिवहरके पुलिस अधिकारी शामिल हुए। बैठक में लंबित मामलों, अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक के दौरान डीआईजी ने कई अहम निर्देश दिए। खासतौर पर मुजफ्फरपुर के कांटी थाना क्षेत्र में स्वर्ण आभूषण कारोबारी से दिनदहाड़े हुई लूट और कच्ची-पक्की ओपी के माधोपुर सुस्ता में आभूषण कारोबारी की हत्या के मामले की समीक्षा की गई। इन दोनों मामलों की जांच के लिए बनी एसआईटी के कामकाज की समीक्षा कर जल्द खुलासा करने के निर्देश दिए गए।

डीआईजी ने शहरी इलाकों में अपराध रोकने के लिए मुख्य बाजारों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष जांच अभियान चलाने को कहा। साथ ही पुलिस की लगातार मौजूदगी और प्रमुख स्थानों पर CCTV कैमरे लगाने पर जोर दिया। मई 2026 में तिरहुत क्षेत्र में कुल 4,018 मामले दर्ज हुए थे, जबकि 4,840 मामलों का निष्पादन किया गया। यानी दर्ज मामलों से 822 ज्यादा मामलों का निपटारा हुआ, जिसे पुलिसिंग के लिहाज से सकारात्मक माना जा रहा है।

अपराधियों की जमानत रद्द कराने का आदेश

बैठक में यह भी सामने आया कि जमानत पर छूटने के बाद दोबारा अपराध करने वाले 5 अपराधियों की जमानत रद्द कराने का प्रस्ताव कोर्ट भेजा गया था। इनमें से 3 मामलों में कोर्ट ने जमानत रद्द कर दी है। ऐसे 100 से अधिक अपराधियों की पहचान कर कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए। हत्या से जुड़े लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया गया कि जांच अधिकारियों के लिए मामलों के निष्पादन और आरोपियों की गिरफ्तारी के स्पष्ट लक्ष्य तय किए जाएं। साथ ही एसपी कार्यालय की सभी शाखाओं की मासिक समीक्षा अनिवार्य करने को कहा गया।

बेहतर काम करने वाले अधिकारियों की सराहना

सीतामढ़ी में बेहतर काम करने वाले अधिकारियों की भी सराहना हुई। सदर-01 अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने 87 मामलों के मुकाबले 188 मामलों का निष्पादन किया, जबकि सदर-02 अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने 44 मामलों के मुकाबले 85 मामलों का निपटारा किया। दोनों अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की गई। डीआईजी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 107 के तहत अपराध से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर जब्ती की कार्रवाई तेज करने का निर्देश दिया। साथ ही NDPS सेल को नशे के कारोबार में शामिल अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और हॉटस्पॉट इलाकों में नियमित छापेमारी करने को कहा गया।

NDPS और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामलों को लेकर निर्देश

NDPS और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामलों में FIR से लेकर ट्रायल तक लगातार निगरानी रखने और लंबित फॉरेंसिक रिपोर्ट एक महीने के भीतर प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। मुजफ्फरपुर में आर्म्स एक्ट के लंबित मामलों को भी एक महीने में पूरा करने को कहा गया। इसके अलावा तिरहुत क्षेत्र में फरार आरोपियों के खिलाफ लंबित 707 वारंट, 191 इश्तेहार और 210 कुर्की-जब्ती आदेशों को एक महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। मालखानों में लंबित मामलों के निष्पादन को भी एक महीने के भीतर 100 प्रतिशत पूरा करने का निर्देश दिया गया। कुल मिलाकर बैठक में अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के तेजी से निपटारे और पुलिसिंग को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।

मुजफ्फरपुर से मनीभूषण शर्मा की रिपोर्ट