Bihar Open Chess Championship : महाराष्ट्र के इंद्रजीत महिंद्राकार बने चैंपियन, रूसी ग्रैंडमास्टर पीटर को पछाड़ा; प्राथमिक शिक्षा में शामिल होगा शतरंज
PATNA : राजधानी के कंकड़बाग स्थित पाटलिपुत्र खेल परिसर में चल रही सात दिवसीय 'बिहार ओपन फिडे रेटिंग शतरंज प्रतियोगिता' का रविवार को भव्य समापन हुआ। अंतिम चक्र के रोमांचक मुकाबलों के बाद महाराष्ट्र के इंद्रजीत महिंद्राकार ने खिताब अपने नाम किया। प्रतियोगिता के समापन समारोह में बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार और खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने विजेताओं को पुरस्कृत किया। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि बच्चों के बौद्धिक विकास के लिए शतरंज को अब राज्य की प्राथमिक शिक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल करने की योजना बनाई जा रही है।
प्रतियोगिता का अंतिम दिन बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा। शीर्ष बोर्ड पर रूस के ग्रैंडमास्टर पीटर क्रियाकोव और हरियाणा के पृथ्वी शर्मा के बीच मुकाबला ड्रा रहा, जिससे अंक तालिका का समीकरण दिलचस्प हो गया। अंततः इंद्रजीत महिंद्राकार, पीटर क्रियाकोव और पृथ्वी शर्मा तीनों ही 8-8 अंकों के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर रहे। हालांकि, टाई-ब्रेक (बुल्खोज स्कोर) के आधार पर आधे अंक के सूक्ष्म अंतर से इंद्रजीत महिंद्राकार को विजेता घोषित किया गया। ग्रैंडमास्टर पीटर क्रियाकोव को उपविजेता और पृथ्वी शर्मा को द्वितीय उपविजेता के खिताब से संतोष करना पड़ा।
पुरस्कार वितरण के दौरान खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि 2036 के ओलंपिक खेलों को ध्यान में रखते हुए बिहार के खिलाड़ियों को वैश्विक मंच के लिए तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने खेल को एक जन आंदोलन बनाने और राज्य से अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। कार्यक्रम में बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रवींद्रण शंकरण और सचिव धर्मेंद्र कुमार समेत शतरंज जगत की कई नामचीन हस्तियां मौजूद रहीं। प्रतियोगिता में बिहार के खिलाड़ियों का भी दबदबा रहा। मरियम फातिमा को सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी और पी.के. सिंह को सर्वश्रेष्ठ वरिष्ठ खिलाड़ी (S60) का पुरस्कार मिला। साथ ही, विभिन्न आयु वर्गों (अंडर-7 से अंडर-15) में बिहार के नन्हे शतरंजबाजों ने ट्रफियों पर कब्जा जमाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। विजेता इंद्रजीत को एक लाख रुपये की नकद राशि और चमचमाती ट्रॉफी प्रदान की गई।


नरोत्तम की रिपोर्ट