LPG Regulations: PNG वालों पर सरकार सख्त, अब घर में नहीं रख सकेंगे LPG सिलेंडर,सरकार का कड़क फरमान जान लीजिए नहीं तो फंस जाएंगे
LPG Regulations: मध्यपूर्व में जारी भीषण जंग और वैश्विक ईंधन संकट के बीच केंद्र सरकार ने घरेलू गैस के इस्तेमाल को लेकर एक बड़ा और सख्त फैसला लिया है।...
LPG Regulations: मध्यपूर्व में जारी भीषण जंग और वैश्विक ईंधन संकट के बीच केंद्र सरकार ने घरेलू गैस के इस्तेमाल को लेकर एक बड़ा और सख्त फैसला लिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शनिवार को जारी एक नोटिफिकेशन में साफ कर दिया है कि जिन घरों में पाइप वाली नेचुरल गैस (PNG) का कनेक्शन मौजूद है, वे अब घरेलू LPG सिलेंडर अपने पास नहीं रख सकेंगे। ऐसे सभी उपभोक्ताओं को तुरंत अपना LPG कनेक्शन छोड़ना होगा।
सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब मध्यपूर्व में युद्ध के कारण ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ा है। खास तौर पर हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में तनाव के चलते वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसी संकट को देखते हुए सरकार ने लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (आपूर्ति और वितरण का विनियमन) आदेश में संशोधन करते हुए यह नई व्यवस्था लागू की है।नोटिफिकेशन के मुताबिक, जिन उपभोक्ताओं के पास PNG और LPG दोनों कनेक्शन हैं, उन्हें अब एक विकल्प चुनना होगा। यदि उनके घर में पाइप गैस की सुविधा है, तो वे न तो LPG सिलेंडर अपने पास रख सकते हैं और न ही किसी सरकारी तेल कंपनी या उसके वितरक से सिलेंडर की रीफिल ले सकेंगे। इतना ही नहीं, PNG इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं को अब नया घरेलू LPG कनेक्शन लेने की भी अनुमति नहीं होगी।
इस फैसले के पीछे सबसे बड़ी वजह वैश्विक ईंधन आपूर्ति पर मंडराता संकट बताया जा रहा है। भारत अपनी करीब 60 प्रतिशत LPG जरूरतों को आयात के जरिए पूरा करता है। इसमें से लगभग 85 से 90 प्रतिशत गैस सऊदी अरब और यूएई जैसे खाड़ी देशों से आती है, जो तेल और गैस की शिपिंग के लिए स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ मार्ग पर निर्भर हैं।दरअसल, यह संकरा समुद्री मार्ग दुनिया के लिए बेहद अहम है। अनुमान है कि दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल की आपूर्ति इसी रास्ते से गुजरती है। हाल ही में ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते तनाव और अमेरिका की भूमिका के कारण यह इलाका रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील बन गया है।
हालांकि इस बीच भारत के लिए थोड़ी राहत की खबर भी सामने आई है। भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने बताया कि कुछ भारतीय जहाजों को हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा कि भारत और ईरान के बीच ऐतिहासिक रिश्ते और साझा हितों के कारण दोनों देश एक-दूसरे का सहयोग कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि हाल ही में भारत के झंडे वाले दो LPG जहाज ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ को इस समुद्री मार्ग से गुजरने की अनुमति दी गई है। इसके बावजूद ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बनी हुई है।ऐसे में सरकार का यह नया फैसला ऊर्जा संसाधनों के बेहतर प्रबंधन की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, लेकिन इससे उन लाखों उपभोक्ताओं पर असर पड़ सकता है जिनके घरों में पहले से PNG और LPG दोनों की सुविधा मौजूद है।