दिल्ली यूनिवर्सिटी के चुनाव में दीपांशु शौकीन ने दिखाया जलवा, निर्दलीय उतरकर ABVP-NSUI को दी चुनौती
दीपांशु शौकीन की चुनावी कहानी इसलिए भी चर्चा में रही क्योंकि उन्होंने शुरुआत में NSUI से टिकट की मांग की थी। उनका नामांकन भी हुआ था, लेकिन संगठन की ओर से नामांकन वापस लेने को कहा गया। वे निर्दलीय ही चुनाव में उतरे और परचम लहरा दिया
DUSU: दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ (DUSU) चुनाव में उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने सबका ध्यान खींच लिया है। 12वें राउंड की मतगणना तक 18,943 वोट के साथ दीपांशु सबसे आगे चल रहे दीपांशु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी जीत का ऐलान करते हुए लिखा, “It’s done Bro, Thank you DU” और खुद को निर्दलीय उपाध्यक्ष बताया।
पीरागढ़ी गांव के रहने वाले दीपांशु की इस चुनावी बढ़त ने छात्र राजनीति में भी चर्चा तेज कर दी है। वह साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आते हैं। उनके पिता बस कंडक्टर हैं, जबकि मां आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं। दीपांशु ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के भगत सिंह कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है और फिलहाल डिपार्टमेंट ऑफ बुद्धिस्ट स्टडीज के छात्र हैं।
NSUI से टिकट मांगा, फिर निर्दलीय मैदान में उतरे
दीपांशु शौकीन की चुनावी कहानी इसलिए भी चर्चा में रही क्योंकि उन्होंने शुरुआत में NSUI से टिकट की मांग की थी। उनका नामांकन भी हुआ था, लेकिन संगठन की ओर से नामांकन वापस लेने को कहा गया। दीपांशु ने नामांकन वापस लेने से इनकार कर दिया और निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में बने रहे। इसके बाद उन्होंने स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में प्रचार शुरू किया और चुनाव में अपनी अलग पहचान बनाई। मतगणना के दौरान उनकी बढ़त ने DUSU चुनाव के समीकरणों को लेकर चर्चा और बढ़ा दी।
नंगे पैर किया चुनाव प्रचार
दीपांशु ने चुनाव प्रचार के दौरान जूते नहीं पहने। उन्होंने इसे सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे से जुड़े छात्रों के मुद्दे के प्रति अपने संकल्प से जोड़ा था। उनका कहना था कि जब तक पीड़ित छात्रों को न्याय नहीं मिलता, वह नंगे पैर रहेंगे। दीपांशु के मुताबिक, पैरों में होने वाला दर्द उन्हें उन छात्रों की परेशानियों की याद दिलाता है, जिनकी आवाज वह उठाना चाहते हैं। इसी संकल्प के साथ उन्होंने पूरे चुनाव अभियान के दौरान नंगे पैर प्रचार किया।
सोशल मीडिया पोस्ट के बाद समर्थकों में उत्साह
मतगणना में बढ़त के बीच दीपांशु के सोशल मीडिया पोस्ट ने उनके समर्थकों का उत्साह और बढ़ा दिया। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, “It’s done Bro, Thank you DU”। हालांकि, चुनाव का अंतिम और आधिकारिक परिणाम निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर दीपांशु की मजबूत बढ़त ने DUSU चुनाव में छात्र संगठनों के उम्मीदवारों के बीच मुकाबले को खासा दिलचस्प बना दिया है।