Bihar Politics: बीजेपी में होगा रालोमो का विलय! उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को लेकर चर्चा तेज, बड़ी सियासी खेल की आहट
Bihar Politics: उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी रालोमो का विलय बीजेपी में हो सकता है, इसको लेकर चर्चा तेज है। आए दिन रालोमो में विधायकों की नाराजगी की खबरें भी सामने आती रहती है ऐसे में कयासों के बाजार गर्म हैं।
Bihar Politics: बिहार में नई सरकार के गठन के बाद से ही मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा तेज है। सम्राट सरकार में फिलहाल 2 मंत्री हैं। सीएम सम्राट के पास 29 विभाग हैं तो वहीं डिप्टी सीएम विजय चौधरी के पास 10 विभाग और बिजेंद्र यादव के पास 8 विभाग हैं। ऐसे में मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर कई कयास लगाए जा रहे हैं। इसी बीच चर्चा तेज है कि राष्ट्रीय लोक मोर्चा(रालोमो) का विलय भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) में हो सकता है। ऐसे में एनडीए में नए राजनीतिक समीकरणों देखे जा सकते हैं।
रालोमो का बीजेपी में विलय!
सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी की ओर से रालोमो प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा को पार्टी विलय का प्रस्ताव दिए जाने की बातें सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि इस प्रस्ताव के तहत उनके पुत्र दीपक प्रकाश को विधान परिषद भेजने और मौजूदा मंत्री पद बरकरार रखने का आश्वासन दिया गया है। ऐसे में अब तरह तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। इससे पहले भी कई बार जानकारी सामने आई है कि रालोमो के विधायक उपेंद्र कुशवाहा से नाराज हैं हालांकि अब तक पार्टी की ओर से ऐसा कोई बयान नहीं दिया गया है।
दीपक प्रकाश को मंत्री बनाने से नाराजगी
गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार में रालोमो कोटे से उपेंद्र कुशवाहा के पुत्र दीपक प्रकाश को पंचायती राज मंत्री बनाया गया था, हालांकि उस समय वे किसी भी सदन के सदस्य नहीं थे। 2025 के चुनाव के बाद गठित कैबिनेट में यह प्रतिनिधित्व रालोमो के लिए अहम माना गया था। नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद अब राज्य की कमान सम्राट चौधरी के हाथों में है और जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में भाजपा नए राजनीतिक समीकरण साधने में जुटी हुई है, जिसके तहत रालोमो के विलय की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं।
चार में से तीन विधायक नाराज
इसी बीच, रालोमो के भीतर भी असंतोष की खबरें हैं। चर्चा है कि पार्टी के चार में से तीन विधायक नेतृत्व की नीतियों से नाराज हैं। इससे पहले भी उनके असंतोष की बातें सामने आ चुकी हैं, जिसे संभावित विलय की एक वजह माना जा रहा है। हालांकि, इन सभी अटकलों को उपेंद्र कुशवाहा ने खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि राजनीति में इस तरह की चर्चाएं आम हैं और उन्हें किसी भी तरह के विलय प्रस्ताव की कोई जानकारी नहीं है। अब देखने होगा कि राजनीतिक गलियारों में यह वाकया चर्चा मात्र रह जाती है या इसका कोई असर भी दिखने को मिलता है।