सीओ और राजस्व अफसरों की स्ट्राइक बनाम विजय सिन्हा की शाम 5 बजे की डेडलाइन, हड़ताली अफसरों पर सख्त चेतावनी काम करेगी या टकराव और गहरा होगा? पढ़िए

Bihar CO Strike News: बिहार की प्रशासनिक सियासत इस वक़्त गरमा गई है, जहां हड़ताल पर बैठे अंचलाधिकारी और राजस्व अफसरों के सामने आर-पार की स्थिति बन चुकी है।...

Bihar Officers Strike Vijay Sinha Sets 5 PM Deadline
सीओ और राजस्व अफसरों की स्ट्राइक बनाम विजय सिन्हा की 5 बजे की डेडलाइन- फोटो : social Media

Bihar CO Strike News: बिहार की प्रशासनिक सियासत इस वक़्त गरमा गई है, जहां हड़ताल पर बैठे अंचलाधिकारी और राजस्व अफसरों के सामने आर-पार की स्थिति बन चुकी है। डिप्टी CM और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने साफ़ लहजे में चेतावनी दी है कि अगर आज शाम 5 बजे तक अधिकारी काम पर वापस नहीं लौटते, तो उनके खिलाफ़ कड़ी अनुशासनिक कार्रवाई तय है।

9 मार्च से जारी इस सामूहिक हड़ताल को सरकार ने अब ग़ैर-कानूनी करार दे दिया है। सरकारी फरमान के मुताबिक, सभी हड़ताली अफसरों को 25 मार्च की शाम 5 बजे तक हर हाल में अपने पद पर योगदान देना होगा। वरना वेतन कटौती, सेवा में बाधा (ब्रेक इन सर्विस) और विभागीय कार्रवाई जैसे सख़्त कदम उठाए जाएंगे।

विजय कुमार सिन्हा ने यह भी साफ किया कि जो अधिकारी समय रहते ड्यूटी पर लौट आते हैं, उनके मामले में सरकार नरमी दिखा सकती है और अवकाश अवधि को नियमों के तहत समायोजित करने पर ‘हमदर्दी’ से विचार किया जाएगा। लेकिन जो आदेश की अनदेखी करेंगे, उनके लिए सख़्ती तय मानी जा रही है।

सरकार का दावा है कि आधे से ज्यादा अधिकारी पहले ही काम पर लौट चुके हैं और हालात पर मुख्यालय से रोज़ाना नज़र रखी जा रही है। बावजूद इसके, हड़ताल का असर ज़मीनी स्तर पर साफ़ दिख रहा है जमीन से जुड़े कामकाज, दाखिल-खारिज, और अन्य राजस्व सेवाएं प्रभावित हो रही हैं, जिससे आम जनता परेशान है।

सियासी गलियारों में अब यह सवाल गूंज रहा है कि क्या सरकार की यह सख़्त चेतावनी काम करेगी या टकराव और गहरा होगा? एक तरफ़ सरकार प्रशासनिक अनुशासन की बात कर रही है, तो दूसरी तरफ़ अफसरों की नाराज़गी भी खुलकर सामने आ रही है। फिलहाल, घड़ी की सुइयां 5 बजे की डेडलाइन की तरफ़ तेज़ी से बढ़ रही हैं और बिहार की नौकरशाही में फैसला करने वाली घड़ी अब बस कुछ ही लम्हों दूर है।