जहानाबाद के गांव में लगा सेहत का मेला,अरिस्टो फार्मा के MD भोला बाबू के सहयोग से मिला 300 से ज्यादा ग्रामीणों को जीवनदान जैसा सहारा

लोगों के लिए मुफ्त इलाज के लिए अरिस्टो फार्मा के प्रबंध निदेशक उमेश शर्मा उर्फ भोला बाबू के मार्गदर्शन में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया

Health Camp Aristo Pharma MD Bhola Babu Supports Aid to 300
जहानाबाद के गांव में लगा सेहत का मेला- फोटो : social Media

Jahanabad:  जिले के ग्रामीण इलाके में सेहत को लेकर एक बड़ी और राहत भरी पहल सामने आई है, जहां गांव के लोगों के लिए मुफ्त इलाज किसी वरदान से कम नहीं साबित हुआ। जहानाबाद के ग्राम लड़ौवा, मकदुमपुर स्थित सामुदायिक भवन में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया, जिसने सैकड़ों लोगों के चेहरे पर उम्मीद की नई किरण जगा दी।

इस खास शिविर का आयोजन अरिस्टो फार्मा के CSR विभाग एरिश्मा चेरिटेबल ट्रस्ट, मुंबई द्वारा GSSG संस्था के सहयोग से किया गया। यह पूरा कार्यक्रम अरिस्टो फार्मा के प्रबंध निदेशक उमेश शर्मा उर्फ भोला बाबू के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जहां सेवा और समाजसेवा का अनूठा संगम देखने को मिला।

शिविर में पटना के नामचीन डॉक्टरों की टीम ने हिस्सा लिया।जनरल फिजिशियन डॉ मुकेश कुमार, नेत्र विशेज्ञ डॉ सुनील कुमार ने करीब 300 से अधिक ग्रामीणों की गहन स्वास्थ्य जांच की। सिर्फ जांच ही नहीं, बल्कि मरीजों को मुफ्त और उच्च गुणवत्ता वाली दवाइयां भी उपलब्ध कराई गईं, जिससे गरीब और जरूरतमंद लोगों को बड़ी राहत मिली।

इस दौरान सामान्य रक्त जांच समेत कई जरूरी मेडिकल टेस्ट भी निःशुल्क किए गए। शिविर का संचालन राहुल कुमार की निगरानी में सफलतापूर्वक किया गया, जिसमें CSR टीम के सदस्य अनुराग गुंजन, सुधांशु कुमार, कुंदन कुमार और GSSG संस्था के सचिव रामाशंकर शर्मा समेत कई लोगों का अहम योगदान रहा।

स्थानीय स्तर पर भी इस आयोजन को जबरदस्त समर्थन मिला। वार्ड पार्षद जितेंद्र शर्मा और वार्ड संघ के चेयरमैन चुन्नु शर्मा ने सक्रिय भूमिका निभाई, जिससे यह आयोजन पूरी तरह सफल हो सका।

इस शिविर का मकसद सिर्फ इलाज देना नहीं, बल्कि लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना भी था। खासकर उन ग्रामीणों के लिए यह पहल बेहद महत्वपूर्ण रही, जो आर्थिक या अन्य कारणों से अस्पताल तक नहीं पहुंच पाते। यह स्वास्थ्य शिविर न सिर्फ एक आयोजन था, बल्कि गांव में नई जिंदगी और बेहतर भविष्य की उम्मीद जगाने वाला कदम साबित हुआ।

रिपोर्ट- रंजीत कुमार