बिहारी मजदूर की हत्या के खिलाफ जन सुराज का आक्रोश, दिल्ली सरकार के विरोध में निकाला कैंडल मार्च

बिहारी मजदूर की हत्या के खिलाफ जन सुराज का आक्रोश, दिल्ली सर
बिहारी मजदूर की हत्या के खिलाफ जन सुराज का आक्रोश- फोटो : अमन सिन्हा

Nawada : दिल्ली में एक बिहारी प्रवासी मजदूर की कथित तौर पर पुलिस द्वारा गोली मारकर हत्या किए जाने के विरोध में नवादा जिले में जन सुराज पार्टी ने जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता मसीहुद्दीन के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर कैंडल मार्च निकाला। यह प्रदर्शन विशेष रूप से दिल्ली सरकार और पुलिस की कार्यशैली के खिलाफ था। प्रदर्शनकारियों ने "बिहारी युवक के हत्यारों को सजा दो" और "संवेदनहीन सरकार इस्तीफा दो" जैसे नारों से नवादा की सड़कों को गुंजा दिया।


"बिहारियों की जान की कीमत नहीं?"— प्रवक्ता मसीहुद्दीन ने उठाए तीखे सवाल

मार्च के समापन पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मसीहुद्दीन ने केंद्र और दिल्ली सरकार की चुप्पी पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब दिल्ली या अन्य महानगरों का कोई व्यक्ति बिहार में असुरक्षित होता है, तो पूरा देश आंदोलित हो जाता है, लेकिन एक बिहारी मजदूर की बेरहमी से हत्या पर राजनीतिक गलियारों में सन्नाटा क्यों पसरा है? उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना बिहारियों के प्रति दिल्ली पुलिस के मन में भरे भेदभाव और संवेदनहीनता का परिणाम है।


दोषियों पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग; एसआईटी गठन पर जोर

जन सुराज पार्टी ने इस मामले में दिल्ली पुलिस के दोषी कर्मियों पर तत्काल प्रभाव से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। प्रदर्शनकारियों ने मांग रखी कि पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। साथ ही, मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जाए। पार्टी का कहना है कि बिना किसी ठोस कारण के गोली चलाना यह दर्शाता है कि प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा दांव पर है।


प्रवासी मजदूरों के परिजनों का छलका दर्द; भेदभाव का लगाया आरोप

कैंडल मार्च में बड़ी संख्या में स्थानीय युवाओं और उन परिवारों ने हिस्सा लिया जिनके सदस्य रोजी-रोटी की तलाश में दिल्ली जैसे महानगरों में रहते हैं। परिजनों ने अपना दुख साझा करते हुए कहा कि रोजगार के अभाव में बिहार से बाहर गए युवकों को अक्सर वहां पुलिस और प्रशासन के अत्याचार व भेदभाव का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि पांडव कुमार (मृतक) जैसे मेहनतकश युवकों की हत्या से उन हजारों परिवारों में डर बैठ गया है जिनके बच्चे परदेस में रहकर घर चला रहे हैं।


राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी; काला पट्टा बांधकर जताया शोक

जन सुराज के कार्यकर्ताओं ने नवादा के मुख्य चौराहे से विभिन्न मार्गों तक मार्च करते हुए अपनी बांहों पर काला पट्टा बांधकर शोक व्यक्त किया। पार्टी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अगले कुछ दिनों में पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला और दोषियों को जेल नहीं भेजा गया, तो यह विरोध केवल नवादा तक सीमित नहीं रहेगा। जन सुराज इस मुद्दे को लेकर पूरे बिहार में राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेगी ताकि सरकार को बिहार के प्रवासियों की सुरक्षा के प्रति जवाबदेह बनाया जा सके।


अमन सिन्हा की रिपोर्ट