Bihar News : सीएनजी लदे वाहन से भीषण रिसाव के बाद हुआ जोरदार धमाका, मुजफ्फरपुर में मची अफरा-तफरी

Bihar News : मुजफ्फरपुर में सड़क पर गुजर रही एक सीएनजी लदी गाड़ी से अचानक गैस का रिसाव शुरू हो गया। देखते ही देखते वाहन से एक जोरदार धमाका हुआ, जिसकी आवाज सुनकर लोग दहशत में आ गए....पढ़िए आगे

Bihar News : सीएनजी लदे वाहन से भीषण रिसाव के बाद हुआ जोरदार
गाडी में धमाका - फोटो : MANIBHUSHAN

MUZAFFARPUR : जिले के मोतीपुर प्रखंड अंतर्गत कथैया थाना क्षेत्र के मोतीपुर-सरैया मार्ग स्थित हल्दी कल्याणी चौक के समीप रविवार को उस समय भारी हड़कंप मच गया, जब सड़क पर गुजर रही एक सीएनजी लदी गाड़ी से अचानक तेजी से गैस का रिसाव शुरू हो गया। देखते ही देखते वाहन से एक जोरदार धमाका हुआ, जिसकी आवाज सुनकर आसपास के लोग दहशत में आ गए और अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

घटना की जानकारी मिलते ही कथैया थाना की पुलिस बिना किसी देरी के तुरंत मौके पर पहुंची और तत्परता दिखाते हुए मोर्चा संभाला। पुलिस अधिकारियों ने तुरंत स्थिति पर काबू पाने के लिए ट्रक के चालक को आगे किया, जिसने वाहन में लगे खुले हुए वॉल्व को बंद किया। वॉल्व बंद होते ही गैस का रिसाव पूरी तरह रुक गया, जिसके बाद आसपास मौजूद लोगों और दुकानदारों ने राहत की सांस ली।

गैस रिसाव बंद होने और स्थिति पूरी तरह सामान्य होने के बाद पुलिस ने सीएनजी वाहन को उसके गंतव्य के लिए सुरक्षित रवाना किया। इस घटना के कारण मोतीपुर-सरैया मार्ग पर कुछ देर के लिए यातायात बाधित हो गया था, जिसे पुलिस ने रिसाव रुकते ही सुचारू रूप से फिर से चालू कराया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई की वजह से एक बहुत बड़ा हादसा होने से टल गया।

गौरतलब है कि मुजफ्फरपुर जिले में सीएनजी या गैस रिसाव की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पूर्व भी हाल ही के दिनों में मुजफ्फरपुर-दरभंगा मुख्य मार्ग पर दो अलग-अलग मौकों पर गैस लीक की घटनाएं हो चुकी हैं। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं के बावजूद संबंधित विभाग और प्रशासनिक अधिकारी वाहनों की फिटनेस या सुरक्षा मानकों को लेकर कोई ठोस संज्ञान नहीं ले रहे हैं। स्थानीय लोगों में प्रशासन की इस अनदेखी को लेकर काफी नाराजगी है। बार-बार होती ऐसी घटनाओं के बाद भी सुरक्षा इंतजाम पुख्ता न किया जाना कई सवाल खड़े करता है। अब देखना यह होगा कि इस घटना के बाद जिम्मेदार अधिकारी जागते हैं या फिर किसी बड़ी त्रासदी के इंतजार में हाथ पर हाथ धरे बैठे रहते हैं।

मणिभूषण की रिपोर्ट