ससुराल से रंजिश के कारण जीजा ने किया साले का अपहरण, पुलिस ने 6 घंटे में बच्चे को किया बरामद
मुंगेर पुलिस ने अपह्त 10 वर्षिय बच्चे को महज 6 घंटे के अंदर सकुशल बरामद कर लिया। सबसे बड़ी बात यह है कि अपह्ता कोई और नहीं बच्चे का चचेरा बहनोई ही निकला। जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है....
Munger : जिले की कोतवाली थाना पुलिस ने एक 10 वर्षीय छात्र के अपहरण मामले का महज 6 घंटे के भीतर सफल उद्भेदन करते हुए बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में बच्चे के चचेरे जीजा, गौरव कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने पारिवारिक रंजिश और ससुराल वालों द्वारा घर में प्रवेश न करने देने से नाराज होकर इस वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने बेगूसराय से लेकर खगड़िया तक चलाए गए सघन ऑपरेशन के बाद आरोपी को खगड़िया रेलवे स्टेशन से दबोचा।
स्कूल से घर लौटने के दौरान किया था अपहरण
घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के लाल दरवाजा इलाके की है, जहां रूपेश साह का 10 वर्षीय बेटा आर्यन स्कूल से घर लौटने के दौरान अचानक लापता हो गया था। काफी खोजबीन के बाद जब बच्चे का पता नहीं चला, तो परिजनों ने डायल 112 और कोतवाली पुलिस को इसकी सूचना दी। एसपी सैयद इमरान मसूद के निर्देश पर थानाध्यक्ष राजीव तिवारी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। आरोपी के पास मोबाइल फोन न होने के कारण शुरुआत में पुलिस को लोकेशन ट्रेस करने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा।
अपह्त मासूम की सूझबूझ ने पुलिस की राह किया आसान
अपहरण की इस वारदात में मासूम आर्यन की सूझबूझ ने पुलिस की राह आसान कर दी। बेगूसराय पहुंचने पर आर्यन ने एक यात्री के मोबाइल से अपने परिजनों को फोन कर दिया, जिससे पुलिस को उसकी सटीक लोकेशन मिल गई। इसी बीच, आरोपी गौरव ने भी खगड़िया स्टेशन पर एक अन्य यात्री के फोन से अपने साले को कॉल कर 500 रुपये की मांग की। इस कॉल के मिलते ही मुंगेर पुलिस ने खगड़िया टाउन थाना और जीआरपी की मदद से स्टेशन की घेराबंदी की और आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया।
पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई कि गिरफ्तार आरोपी गौरव, जो खगड़िया के अलौली का रहने वाला है, का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और वह जेल भी जा चुका है। इसी कारण उसके ससुराल वाले उसे घर आने-जाने से रोकते थे। घटना से एक दिन पहले भी उसे घर में घुसने नहीं दिया गया था, जिससे आक्रोशित होकर उसने आर्यन को अगवा कर लिया। आर्यन, आरोपी की पत्नी मानसू का चचेरा भाई है।
परिजनों ने पुलिस का जताया आभार
मुंगेर एसपी ने बताया कि पुलिस की त्वरित कार्रवाई और विभिन्न जिलों की पुलिस के साथ बेहतर समन्वय के कारण बच्चे को सुरक्षित बचा लिया गया है। महज 6 घंटे के भीतर मिली इस सफलता से परिजनों ने राहत की सांस ली है और पुलिस की कार्यशैली की सराहना की है। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इम्तियाज खान की रिपोर्ट