Bihar Love Scandal: इश्क में फरार गुरुजी, 8वीं की छात्रा संग हैं गायब, चार महीने से पुलिस भी ढूंढ रही मोहब्बत का सुराग

दरभंगा का ‘इश्क-ए-गुमशुदा’ कांड! मास्टर साहब 8वीं की दिलरुबा संग फरार, चार महीने से पुलिस भी ढूंढ रही मोहब्बत का सुराग

Teacher Elopes with Class 8 Girl Wife Plea Triggers Probe
8वीं की छात्रा संग फरार टीचर- फोटो : X

Bihar Love Scandal: बिहार की मिट्टी में अजब-गजब किस्सों की कमी नहीं, मगर दरभंगा के गौराबौराम क्षेत्र से जो दास्तान सामने आई है, वह किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं लगती—बस फर्क इतना कि यहां कहानी नहीं, असल जिंदगी की उलझी हुई हकीकत है। सरकारी स्कूल का एक शादीशुदा शिक्षक, जो किताबों से बच्चों को शिक्षा का सबक देता था, खुद ही इश्क के इम्तिहान में फेल हो गया। आरोप है कि दिसंबर 2025 में वह अपनी ही 8वीं कक्षा की छात्रा के साथ इश्क फरार हो गया और पीछे छोड़ गया एक परिवार, एक पत्नी और कई सवाल। अब कहानी में नया मोड़ यह है कि शिक्षक की पत्नी इंसाफ की दस्तक’लेकर दर-दर भटक रही है। उसका कहना है कि चार महीने बीत गए, मगर पुलिस अब तक पति और उस नाबालिग दिलरुबा का कोई सुराग नहीं लगा पाई। पत्नी की बेचैनी अब इस शक में बदल चुकी है कि कहीं अप्रैल में जब छात्रा बालिग हुई, तो निकाह-ए-इश्क पूरा तो नहीं हो गया?

महिला ने साफ तौर पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को आवेदन देकर अपने पति पर चरित्रहीनता और संदिग्ध आपराधिक मेल-जोल का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि उसे और उसके बच्चों को उनका हक चाहिए, वरना यह खामोशी एक दिन बड़े सवाल खड़े कर देगी। दिलचस्प बात यह है कि 2016 में हुई शादी अब टूट के कगार पर पहुंच चुकी थी, लेकिन तलाक का कागज अभी तक अदालत में धूल खा रहा है। और इसी बीच ‘मोहब्बत का बवंडर’ स्कूल की दीवारों से निकलकर पूरे सिस्टम को हिला गया।

इधर स्कूल के प्रधान शिक्षक का कहना है कि आरोपी मास्टर साहब दिसंबर से ही ‘नो वर्क, नो पे’ पर हैं और उसी वक्त से छात्रा भी लापता है। वहीं घनश्यामपुर थाना पुलिस भी मानती है कि दोनों की तलाश जारी है, मगर अब तक इश्क की इस गुमशुदा फाइल में कोई ठोस सुराग नहीं मिला।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अब छात्रा बालिग हो चुकी है, जिससे मामला और भी पेचीदा हो गया है कानून कहता है एक बात, लेकिन समाज की निगाहें कुछ और ही कहानी बुन रही हैं। दरभंगा का यह इश्क-ए-गुमशुदा मामला अब सिर्फ एक प्रेम प्रसंग नहीं, बल्कि सिस्टम, समाज और संवेदनाओं के बीच उलझा हुआ ऐसा सवाल बन गया है, जिसका जवाब हर कोई ढूंढ रहा है मगर जवाब अभी भी लापता है।