Caste Census : 'नरेंद्र मोदी सरकार टाल रही जाति जनगणना', कांग्रेस का जोरदार हमला, ऐसे कर रही जानबूझकर देरी
जाति जनगणना को लेकर कांग्रेस ने एक बार केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोला है. इसे लेकर जयराम रमेश ने गंभीर सवाल उठाए हैं.
Caste Census : कांग्रेस ने गुरुवार को केंद्र सरकार पर जाति जनगणना को लेकर देरी का आरोप लगाया। पार्टी का कहना है कि सरकार द्वारा इस संबंध में घोषणा किए एक वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि जाति आधारित गणना किस प्रक्रिया के तहत कराई जाएगी। कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि ठीक एक साल पहले सरकार ने आगामी जनगणना में सभी वर्गों की जाति गणना शामिल करने की घोषणा की थी, लेकिन इसके क्रियान्वयन को लेकर कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मुद्दे को टालने की मंशा रखते हैं।
रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर केंद्र सरकार के रुख में बदलाव का हवाला देते हुए कहा कि 21 जुलाई 2021 को गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में स्पष्ट किया था कि सरकार ने नीति के तौर पर जाति आधारित जनगणना नहीं कराने का निर्णय लिया है। इसके बाद 21 सितंबर 2021 को सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में भी इसी रुख को दोहराया था। कांग्रेस नेता ने बताया कि 16 अप्रैल 2023 को पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सामान्य जनगणना के साथ अद्यतन जाति जनगणना कराने की मांग की थी। इसके बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
रमेश ने यह भी याद दिलाया कि 28 अप्रैल 2024 को एक टीवी इंटरव्यू में प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस की जाति जनगणना की मांग को “अर्बन नक्सल सोच” करार दिया था। कांग्रेस का कहना है कि प्रधानमंत्री को इस टिप्पणी के लिए माफी मांगनी चाहिए और यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि बाद में उन्होंने जाति जनगणना की घोषणा क्यों की।
कांग्रेस के अनुसार, 30 अप्रैल 2025 को की गई घोषणा के बाद भी एक वर्ष बीत जाने के बावजूद न तो प्रक्रिया स्पष्ट की गई है और न ही विपक्षी दलों, राज्य सरकारों या विषय विशेषज्ञों से कोई व्यापक चर्चा की गई है। पार्टी ने आरोप लगाया कि हालिया संसदीय सत्र के बाद यह और स्पष्ट हो गया है कि सरकार इस मुद्दे को आगे बढ़ाने में गंभीर नहीं है।