Bihar News : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने क्षतिग्रस्त विक्रमशिला सेतु किया हवाई सर्वेक्षण, युद्ध स्तर पर मरम्मत और नि:शुल्क नाव सेवा का दिया निर्देश

Bihar News : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने क्षतिग्रस्त विक्रमश

BHAGALPUR : भागलपुर को सीमांचल, पश्चिम बंगाल और असम से जोड़ने वाले लाइफलाइन 'विक्रमशिला सेतु' का एक स्लैब क्षतिग्रस्त होने के बाद राज्य सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। 3 मई की देर रात हुई इस घटना की गंभीरता को देखते हुए आज बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रभावित क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया। मुख्यमंत्री ने आसमान से सेतु की स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि मरम्मत कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए।

हवाई सर्वेक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ जमीनी स्तर पर बीआरओ (BRO) के जीएम, पुल निर्माण निगम और एनएच (NH) के वरिष्ठ अभियंता भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अभियंताओं को निर्देशित किया कि तकनीकी विशेषज्ञों की सीधी निगरानी में पुनर्निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखते हुए कार्य की गति ऐसी हो कि आम जनता को हो रही आवागमन की समस्या का त्वरित समाधान हो सके।

सेतु पर परिचालन ठप होने के कारण मुख्यमंत्री ने वैकल्पिक यातायात व्यवस्था के रूप में संचालित नाव सेवा का भी निरीक्षण किया। वर्तमान में भागलपुर के बरारी और बाबूपुर घाट से नवगछिया के महादेवपुर घाट तक नावों और जेटी के माध्यम से लोगों को गंगा पार कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को निर्देश दिया है कि वैकल्पिक परिवहन में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा पहली प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि सेतु की मरम्मत होने तक लोगों को कम से कम परेशानी हो।

प्रशासन की ओर से राहत की बात यह है कि सरकारी नावों पर यात्रियों के लिए यातायात पूरी तरह निशुल्क रखा गया है। वहीं, निजी नावों के लिए जिला प्रशासन ने दरें निर्धारित कर दी हैं—प्रति व्यक्ति 50 रुपये, प्रति बाइक 50 रुपये और 12 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए 25 रुपये तय किए गए हैं। किसी भी प्रकार की अवैध वसूली को रोकने के लिए घाटों पर जगह-जगह रेट लिस्ट चस्पा कर दी गई है। जिलाधिकारी डॉक्टर नवल किशोर चौधरी और एसएसपी प्रमोद कुमार यादव स्वयं व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं।

यात्रियों की सुविधा के लिए घाटों पर प्रकाश, शुद्ध पेयजल, चिकित्सा सहायता और एम्बुलेंस की तैनाती की गई है। साथ ही, किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत शिविर और शौचालयों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। सुरक्षा के मद्देनजर दंडाधिकारी और पर्याप्त पुलिस बल तैनात किए गए हैं ताकि नावों पर क्षमता से अधिक लोग सवार न हों। मुख्यमंत्री के इस दौरे और सख्त निर्देशों के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि विक्रमशिला सेतु पर जल्द ही परिचालन बहाल कर लिया जाएगा। 

बालमुकुन्द की रिपोर्ट