Bihar Flood: गंडक में सैलाब के अलर्ट के बाद भी तटबंध से इंजीनियर गायब, मंत्री-विधायक ने खोली जल संसाधन विभाग की पोल

Bihar Flood: एक तरफ नेपाल में हुई त्रासदी और सैलाब के बाद बिहार में हाई अलर्ट है, वहीं दूसरी तरफ पीपी तटबंध की निगरानी और सुरक्षा के लिए जिम्मेदार अभियंता ही मौके से नदारद मिले।

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जल संसाधन विभाग की खुली पोल- फोटो : reporter

Bihar Flood: बगहा गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ के अलर्ट के बीच जल संसाधन विभाग की कथित लापरवाही ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ नेपाल में हुई त्रासदी और सैलाब के बाद बिहार में हाई अलर्ट है, वहीं दूसरी तरफ पीपी तटबंध की निगरानी और सुरक्षा के लिए जिम्मेदार अभियंता ही मौके से नदारद मिले।

मामला गंडक नदी पर बिहार और उत्तर प्रदेश की लाइफलाइन माने जाने वाले पीपरा-पीपरासी तटबंध से जुड़ा है। बाढ़ की आशंका को देखते हुए सरकार और प्रशासन लगातार तटबंधों और बांधों की निगरानी का दावा कर रहे हैं। इसी बीच बिहार सरकार के मंत्री नंदकिशोर राम और बीजेपी विधायक राम सिंह तटबंध के निरीक्षण पर पहुंचे तो जिम्मेदार अभियंताओं की गैरमौजूदगी सामने आई।बताया जा रहा है कि पीपी तटबंध स्थित अभियंता कैंप के उपस्थिति रजिस्टर में लंबे समय से किसी अधिकारी की हाजिरी दर्ज नहीं थी। रजिस्टर खंगालने के बाद मंत्री और विधायक ने मौके पर ही अभियंताओं को जमकर फटकार लगाई। सवाल उठने लगा कि जब गंडक का जलस्तर बढ़ रहा है और बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है, तब तटबंध की निगरानी करने वाले अधिकारी आखिर कहां हैं?

दरअसल सैलाब-2 के अलर्ट को लेकर बिहार सरकार के दो मंत्री पश्चिम चंपारण में कैंप कर रहे हैं। तटबंधों और बांधों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। आपदा से निपटने की तैयारी के मद्देनजर अधिकारियों और कर्मियों की छुट्टियां भी अगले आदेश तक रद्द की गई हैं। ऐसे में अभियंताओं का गायब मिलना सरकारी दावों की कलई खोलने वाला मामला माना जा रहा है।इधर मंगलपुर में हो रहे कटावरोधी कार्यों को लेकर वाल्मीकिनगर के कांग्रेस विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा ने भी अभियंताओं पर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि फ्लड फाइटिंग के नाम पर किए जा रहे काम महज जेब भरने के लिए हैं और इनसे कटाव को रोकना संभव नहीं है। विधायक ने काम की गुणवत्ता और तरीके पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जाहिर की।

गंडक के बढ़ते जलस्तर के बीच सत्ता और विपक्ष, दोनों पक्षों के विधायक लगातार इलाके का दौरा कर रहे हैं। तीसरे दिन भी जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों का ताबड़तोड़ निरीक्षण जारी रहा। इसी दौरान पीपी तटबंध पर अभियंताओं की कथित गैरमौजूदगी का मामला सामने आने के बाद जल संसाधन विभाग की कार्यप्रणाली कठघरे में आ गई है।

मंत्री नंदकिशोर राम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पश्चिम चंपारण के डीएम तरनजीत सिंह को फोन कर शिकायत दर्ज कराई और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। अब देखना होगा कि इस कथित लापरवाही पर विभाग और प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई होती है और बाढ़ के संवेदनशील समय में तटबंधों की निगरानी व्यवस्था को कितना दुरुस्त किया जाता है।

रिपोर्ट- नागेंद्र प्रसाद