जातिगत राजनीति पर मंत्री विजय सिन्हा का बड़ा प्रहार, नेताओं के समर्पण और उपलब्धियों पर उठाए सवाल
बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने जातिगत राजनीति करने वालों पर तीखा हमला बोला है। कृषी मंत्री ने कहा कि जनता को ऐसे नेताओं से सवाल पूछना चाहिए कि उन्होंने समाज और राज्य के विकास के लिए क्या समर्पण किया है.....
Patna : बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने जातिगत राजनीति करने वालों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अतीत में जाति के जहर में बंटने के कारण ही देश गुलाम हुआ था। उन्होंने कहा कि मां भारती की हर संतान के उत्थान, कल्याण और विकास की भावना के साथ ही देश के संविधान निर्माताओं ने सभी को आगे बढ़ने का समान अवसर दिया था। इसके बावजूद आजादी के इतने दशकों बाद भी कुछ लोग घूम-फिरकर वही विभाजनकारी राजनीति करने में जुटे हैं।
नेताओं के समर्पण और उपलब्धियों पर उठाए सवाल
कृषी मंत्री ने कहा कि जनता को ऐसे नेताओं से सवाल पूछना चाहिए कि उन्होंने समाज और राज्य के विकास के लिए क्या समर्पण किया है। राज्य के पास ऐसी कौन सी उपलब्धि है, जिससे जनता खुद को गौरवान्वित महसूस कर सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी नेता किसी एक विशेष समाज से नहीं बनता, बल्कि हर समाज के लोगों के आशीर्वाद और समर्थन से ही नेतृत्व का निर्माण होता है।
'सबका साथ, सबका विकास' के संकल्प पर दिया जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मूल मंत्र का जिक्र करते हुए विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि 'सबका साथ, सबका विकास' के भाव से ही देश को आगे बढ़ाया जा सकता है। सभी का सम्मान हो, सभी आगे बढ़ें और विकास की दौड़ में शामिल हों, यही सरकार का ध्येय है। उन्होंने बेरोजगारी दूर करने, युवाओं को अवसर देने, गरीबों के उत्थान और किसानों के कल्याण के लिए एकजुट होकर काम करने की आवश्यकता पर बल दिया।
सनातन और सामाजिक समरसता बिगाड़ने वालों को घेरा
सनातन संस्कृति के विरोधियों पर निशाना साधते हुए मंत्री ने कहा कि कुछ लोग सनातन पर अनर्गल बयानबाजी कर सामाजिक समरसता को खत्म करने का प्रयास करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सनातन की संतानों को आपस में लड़ाने और जहर उगलने की यह कोशिश समाज के ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करने की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।
गुलामी की मानसिकता और गद्दारों के गुणगान पर तंज
विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि सनातन को तोड़ने में लगे लोग असल में देश को सैकड़ों वर्षों तक गुलाम बनाने वाली ताकतों के गुणगान में व्यस्त रहते हैं। ऐसी मानसिकता वाले लोग राष्ट्र के हितैषी नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि समाज में विभाजन पैदा करने वाली और गुलामी की मानसिकता को बढ़ावा देने वाली राजनीति को अब जनता पूरी तरह नकार चुकी है।
नरोत्तम की रिपोर्ट